तेंदुए का ग्रामीणों ने सफल व सुरक्षित रेस्क्यू वन विभाग को सौंपा,प्राथमिक उपचार के बाद रेंज कार्यालय में निगरानी में, हालत स्थिर

तेंदुए का ग्रामीणों ने सफल व सुरक्षित रेस्क्यू वन विभाग को सौंपा,प्राथमिक उपचार के बाद रेंज कार्यालय में निगरानी में, हालत स्थिर
डीएफओ ने आमजन से की अपील-वन्यजीव दिखने पर 1926 पर दें सूचना,
ब्यूरो रिपोर्ट -सत्यनारायण सेन गुरला
गुरला भीलवाड़ा । भीलवाड़ा तहसील क्षेत्र के गुंदली गांव में आबादी के निकट तेंदुए के विचरण एवं पकड़े जाने की सूचना पर वन विभाग की क्विक रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू के उपरांत वन्यजीव को तत्काल राजकीय पशु चिकित्सालय भीलवाड़ा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद तेंदुए को आगामी निगरानी एवं समुचित देखभाल हेतु वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर में शिफ्ट किया गया है।
घायल तेंदुए के लिए कोटा जू की विशेषज्ञ टीम से परामर्श, स्थिति अब स्थिर
तेंदुए की चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने कोटा
चिड़ियाघर (जू) की विशेषज्ञ पशु चिकित्सकीय टीम से तकनीकी परामर्श लिया। विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन दिए जाने के बाद तेंदुए के वाइटल पैरामीटर्स (शारीरिक मानकों) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया
डीएफओ मारिया शाइन की आमजन से अपीलः
वन्यजीव दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे घेरने, पीछा करने, पत्थर मारने अथवा स्वयं पकड़ने का कतई प्रयास न करें। ऐसी किसी भी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मियों द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें। वन्यजीव से संबंधित सनसनीखेज अथवा भ्रामक वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा या प्रसारित न करें। वन्यजीव संबंधी किसी भी आपात स्थिति या सूचना हेतु वन विभाग की हेल्प हेतु 24 x 7 हेल्पलाइन नंबर 1926 पर तुरंत सम्पर्क करें
वन्यजीव सुरक्षा में जनसहयोग जरूरी
जिला उपवन संरक्षक (डीएफओ) ने कहा कि वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा तभी संभव है जब लोग घबराने के बजाय जिम्मेदारी से काम लें। वन विभाग की टीमें 24 घंटे मुस्तैद हैं और हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्पर रहता है।




