#SvasJsNewsजयपुरदेशब्रेकिंग न्यूज़राजस्थान

पंचायती राज और निकाय चुनाव को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

पंचायती राज और निकाय चुनाव को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

राजस्थान पंचायती राज चुनावः 11 और 13 अक्टूबर को खुलेगी जिला परिषद, प्रधान और सरपंच पदों की लॉटरी

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विभाग ने जारी की समय-सारणी; 15 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य

रिपोर्टर – सत्यनारायण सेन, गुरला

जयपुर/गुरला। राजस्थान में पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के लिए आरक्षण (लॉटरी) की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शासन सचिव डॉ. जोगा राम द्वारा जारी सरकारी आदेश के बाद पूरे प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश (डी. बी. रिट मिसलेनियस एप्लीकेशन संख्या 438/2026) की पालना में राज्य सरकार नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराने के लिए मुस्तैद दिखाई दे रही है।

दो चरणों में तय होगा आरक्षण का भाग्य

अखबार को मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी दो अलग-अलग तारीखों में निकाली जाएगी:

11 अक्टूबर 2026: इस दिन जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।

13 अक्टूबर 2026: इस दिन उपखण्ड स्तर पर ग्रामीण राजनीति की सबसे बुनियादी कड़ी यानी सरपंच एवं वार्ड पंच के पदों के लिए लॉटरी का आवंटन होगा।

21 सितंबर तक जिला प्रमुखों का पदस्थापन

आदेश के मुताबिक, माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर नगरीय निकायों के चुनाव पहले चरण में और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव दूसरे चरण में कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य के नगरीय निकायों के अध्यक्षों (चेयरपर्सन्स) और जिला परिषद के जिला प्रमुख पदों के चुनाव संपन्न कराकर 21 सितंबर 2026 तक उनका पदस्थापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

शासन सचिव ने राज्य के समस्त जिला कलेक्टरों और उपखण्ड अधिकारियों (SDM) को इस तय टाइमलाइन के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है। इस घोषणा के बाद से ही गुरला सहित प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में दावेदारों ने अपनी-अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है

Related Articles

Back to top button