मानदेय बढ़ा तो खिले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के चेहरे, मुख्यमंत्री ने दी बड़ी सौगात

मानदेय बढ़ा तो खिले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के चेहरे, मुख्यमंत्री ने दी बड़ी सौगात
ब्यूरो रिपोर्ट—तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी, 8 सितंबर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मंगलवार का दिन खुशियों और सौगातों से भरा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का ऐलान किया। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 12 हजार रुपये और सहायिकाओं को छह हजार रुपये मानदेय मिलेगा। मानदेय बढ़ाए जाने की घोषणा से जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में सीधा प्रसारण किया गया। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं और मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। मानदेय वृद्धि की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल नजर आया।
जनपद स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक योगेश वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का संयोजन डीपीओ आईसीडीएस भारत प्रसाद और डीपीओ लवकुश भार्गव ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मानदेय वृद्धि के साथ पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा सहित कई महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कुपोषण मुक्ति तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को पूरी निष्ठा के साथ धरातल तक पहुंचाने का आह्वान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये किए जाने और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दिए जाने को उन्होंने महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और मनोयोग से निर्वहन करने की अपील की।
राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी ने कहा कि प्रदेश सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं और आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठ रही थी, जिसका सरकार ने सकारात्मक समाधान किया है। मानदेय वृद्धि के साथ स्वास्थ्य बीमा की सुविधा से कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मेधावी छात्राओं को पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया। हाईस्कूल की मेधावी छात्राओं हृदयांशी सक्सेना, अनुराधा मिश्रा, समीक्षा भारती और दीपिका सिंह तथा इंटरमीडिएट की मेधावी छात्राओं तेजस्वी नारायण शर्मा, आर्या त्रिपाठी, उम्मे हानी और लक्ष्मी कश्यप को पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि के चेक प्रदान किए गए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पीएम मातृ वंदना योजना के लाभार्थियों को मिले स्वीकृति पत्र
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के पांच लाभार्थियों को पांच-पांच हजार रुपये के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पूनम मिश्रा सोनी, निमा देवी, अंजली वर्मा और उमा वर्मा को आयुष्मान गोल्डन कार्ड प्रदान किए गए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं सम्मानित
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं उमा अवस्थी, शबनम परवीन, सपना वर्मा, शैलेंद्र कुमारी और क्षमा रानी पांडे तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं पुष्पा देवी, सुनीता देवी, राजकुमारी, गीता और सरोज कुमारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का हुआ अन्नप्राशन
कार्यक्रम में पांच गर्भवती महिलाओं को पोषाहार किट और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा गोदभराई संस्कार कराया गया। वहीं पांच शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस दौरान बच्चों को खिलौने और मिठाई के पैकेट भी वितरित किए गए।
सैम से सामान्य श्रेणी में पहुंचे बच्चों के अभिभावक सम्मानित
कार्यक्रम में गंभीर तीव्र कुपोषण यानी सैम श्रेणी से स्वस्थ होकर सामान्य श्रेणी में पहुंचे बच्चों के माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। अभिभावकों को मिठाई, कपड़े, खिलौने, शाल और सम्मान पत्र सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। बच्चों के स्वस्थ होकर सामान्य श्रेणी में आने पर अभिभावकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के बेहतर पोषण, नियमित देखभाल और कुपोषण के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर पहुंचाने की अपील की।



