हाथियों का तांडव! रात के अंधेरे में खेतों पर टूटा झुंड का कहर, किसानों की महीनों की मेहनत चंद घंटों में चौपट

हाथियों का तांडव! रात के अंधेरे में खेतों पर टूटा झुंड का कहर, किसानों की महीनों की मेहनत चंद घंटों में चौपट
किशनपुर हरिपुर में जंगली हाथियों की दस्तक से मचा हड़कंप, धान और गन्ने की फसलें रौंदी; ग्रामीणों ने कहा—अब खेतों की रखवाली करना भी बना जान जोखिम में डालने जैसा
संवाददाता -वीर सिंह,पीलीभीत
पीलीभीत। जिले के किशनपुर हरिपुर गांव और आसपास के इलाकों में जंगली हाथियों की आमद ने ग्रामीणों के बीच खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। सोमवार देर रात हाथियों का एक झुंड गांव में पहुंचा और खेतों की ओर बढ़ गया। देखते ही देखते हाथियों ने कई किसानों की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। रात के सन्नाटे में हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
कहीं धान रौंदा, कहीं गन्ने की फसल तहस-नहस
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने किसान नरेप सिंह, रंजीत सिंह और अमरजीत सिंह के गन्ने के खेतों में जमकर नुकसान किया। वहीं महेश वर्मा, लखविंदर और कुलविंदर सिंह के धान के खेत भी हाथियों की चपेट में आ गए। किसानों का कहना है कि हाथियों का झुंड काफी देर तक खेतों में घूमता रहा और फसलों को रौंदने के बाद आगे बढ़ा।
किसानों के लिए यह नुकसान किसी बड़े झटके से कम नहीं है। महीनों की मेहनत, खेतों में लगाई गई लागत और फसल से जुड़ी उम्मीदें एक ही रात में प्रभावित हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर हाथियों की आवाजाही इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में खेती करना और मुश्किल हो सकता है।
हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों की ओर जाना अब चिंता का विषय बन गया है। हाथियों के झुंड की मौजूदगी से लोगों में डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में निगरानी बढ़ाई जाए और हाथियों की आवाजाही पर नजर रखी जाए, ताकि वे दोबारा खेतों और आबादी की ओर न आ सकें।
किसानों की मेहनत पर संकट, मुआवजे की मांग
लगातार हो रहे फसल नुकसान से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि खेती में पहले ही काफी खर्च हो चुका है और अब हाथियों के हमले से आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। टीम ने नुकसान का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। वनकर्मियों ने कहा कि रात के समय अकेले खेतों की ओर न जाएं और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
ग्रामीणों की अपील—अब ठोस कदम उठाए विभाग
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही को लेकर लंबे समय से चिंता बनी हुई है। ऐसे में वन विभाग को इलाके में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाने चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों का जल्द सर्वे कराया जाए और नुकसान के आधार पर मुआवजा दिया जाए।
फिलहाल हाथियों ने किशनपुर हरिपुर और आसपास के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को अब अपनी फसल और सुरक्षा दोनों की चिंता सता रही है।





