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कौशांबी में पटाखा विस्फोट से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, गांव में पसरा मातम

कौशांबी में पटाखा विस्फोट से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, गांव में पसरा मातम

कौशांबी। पटाखा विस्फोट के एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों—पति, पत्नी और दो मासूम बेटों—की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और माहौल गमगीन हो गया।

पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

बताया गया कि मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चारों शव गांव पहुंचे। शवों के पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

मृतकों की पहचान विक्रम सरोज (38), उनकी पत्नी अंजू देवी (36) और उनके दो बेटों अंश (4) व शिवांश (6) के रूप में हुई है। हादसे में परिवार की 12 वर्षीय बेटी संजना सुरक्षित बच गई।

रेलवे में ट्रैकमैन थे विक्रम

परिजनों के मुताबिक, विक्रम सरोज रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर तैनात थे। वह करीब एक साल से मनौरी बाजार स्थित अपने निजी मकान में परिवार के साथ रह रहे थे।

पोस्टमार्टम के बाद चारों शवों को भारी बारिश के बीच अंतिम संस्कार के लिए गांव लाया गया।

DM-SP ने गांव पहुंचकर परिजनों को दिया ढांढस

हादसे की जानकारी के बाद जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण ने पोस्टमार्टम हाउस और पंसौर गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अधिकारियों ने परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता

प्रशासन के अनुसार, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और दैवी आपदा मद के तहत प्रत्येक मृतक के परिजन को कुल 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं घायलों को 1 लाख रुपये की मदद देने की बात कही गई है। प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

6 आरोपियों पर केस, NSA के तहत भी कार्रवाई

पटाखा विस्फोट मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पटाखा निर्माण और भंडारण में बरती गई कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कितनी सख्ती से होती है।

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