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यादव महासभा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से की निष्पक्ष जांच की मांग

यादव महासभा प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से की निष्पक्ष जांच की मांग

आपत्तिजनक पोस्टर लगाकर सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव को बदनाम करने का आरोप, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

रायबरेली, 28 अगस्त। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा, शाखा जनपद रायबरेली का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष राजेश यादव एडवोकेट के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक रायबरेली से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर शहर में लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों के मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
        महासभा के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि दिनांक 19, 20 एवं 21 अगस्त को शहर रायबरेली के विभिन्न स्थानों पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा पोस्टर चिपकाए गए। पोस्टरों पर “यादव समाज के विरोधी सपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र यादव”, “समाज विरोधी होने के कारण वीरेंद्र यादव को समाज से निष्कासित किया जाता है” तथा निवेदक के रूप में “यादव महासभा” अंकित किया गया था।
       प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उक्त पोस्टरों पर न तो किसी व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर अथवा पता अंकित है और न ही यह स्पष्ट है कि इन्हें किस व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा लगाया गया। यादव महासभा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के पोस्टरों के माध्यम से इंजीनियर वीरेंद्र यादव को सामाजिक एवं सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का प्रयास किया गया है तथा इससे समाज में अनावश्यक भ्रम एवं वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
       महासभा ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गंभीरता से जांच कराई जाए, पोस्टर लगाने वाले दोषियों की शीघ्र पहचान की जाए तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने और जनपद में सामाजिक शांति एवं सद्भाव बनाए रखने में प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई।
        प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश यादव, जिला सचिव यादव महासभा संदीप यादव, संप्रेक्षक राजू यादव तथा उपाध्यक्ष कमलेश यादव सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
        यादव महासभा ने स्पष्ट किया कि समाज की एकता, शांति एवं सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा है।

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