नवदिया मुंजपता में श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

नवदिया मुंजपता में श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
रिपोर्ट: अखिलेश कुमार यादव, पीलीभीत
पूरनपुर। विकासखंड पूरनपुर के ग्राम नवदिया मुंजपता में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिवस भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बुजुर्ग श्रद्धालु कथा पंडाल में पहुंचे।
कथा का शुभारंभ व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य कथा वाचक प्राची साध्वी जी के श्रीमुख से वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगल आरती के साथ हुआ। द्वितीय दिवस की कथा में साध्वी जी ने श्री शुकदेव जी के आगमन, राजा परीक्षित को मिले श्राप, नैमिषारण्य में शौनकादि ऋषियों एवं सूत जी के संवाद तथा श्रीमद्भागवत महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया।
साध्वी जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि कलियुग में जीवों के कल्याण का महामंत्र है। इसके श्रवण से मन को शांति मिलती है और जीवन को नई दिशा प्राप्त होती है।
कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। पूरा कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। कथा के समापन पर महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजन समिति का रहा विशेष सहयोग
श्रीमद्भागवत कथा के सफल आयोजन में ग्राम की आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान नौबत सिंह यादव, संतराम कुशवाहा, वेदपाल यादव, सूरजपाल यादव, नन्हे उर्फ द्वारिका यादव, शेरसिंह कुशवाहा एवं धर्मपाल यादव (गन्ना सुपरवाइजर) सहित समिति के प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। सात दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन शाम को भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने की अपील की।








