श्रावण मास के महीने चलते,माता मंदिर के मुख्य रास्ते पर गांव का गंदा पानी हुआ इकट्ठा लोगों ने शीघ्र समाधान की मांग करते हुए क्या विरोध प्रदर्शन

श्रावण मास के महीने चलते,माता मंदिर के मुख्य रास्ते पर गांव का गंदा पानी हुआ इकट्ठा लोगों ने शीघ्र समाधान की मांग करते हुए क्या विरोध प्रदर्शन
मुरादाबाद– मुरादाबाद जनपद के विकासखंड मुंढापांडे ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत नजरपुर गांव वासियों ने श्रावण माह के महीने के चलते माता मंदिर के मुख्य रास्ते पर गांव की नालियों का गंदा पानी इकट्ठा होने को लेकर व जल भराव की समस्या से जूझ रहे लोगों ने आज विरोध प्रदर्शन कर शासन प्रशासन से चौक पड़ी नालियां और गंदे पानी की निकासी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर शीघ्र समाधान की मांग की,, विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि श्रावण माह का महीना चल रहा है और इस महीने के दूसरे सोमवार को गांव से कुछ भोले अपनी मनोकामनाएं को लेकर कावड़ लेकर जाएंगे, और फिर वापस में जो जल लेकर आएंगे तो इसी मुख्य रास्ते पर गांव का माता मंदिर पड़ता है इस पर जल अभिषेक करेंगे जिससे इस जल भर आपकी समस्या को लेकर शीघ्र समाधान की मांग वही मुरादाबाद के जिला अधिकारी को इस पूरी समस्या से अवगत करा दिया है लेकिन कोई भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है जिससे 400 लोगो की आबादी वाले इलाके में घरों की गंदे पानी की निकासी न होने के चलते मुख्य रास्ते पर गंदा पानी इकट्ठा हो गया है जिससे गांव में बीमारियां उत्पन्न हो रही है और लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और स्कूल आने जाने वाले मासूम बच्चों को खासा परेशानी हो रही है जिसमें आज गांव के लोगों ने शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान न होने के चलते नाराजगी दिखाते हुए गंदे पानी में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द शासन प्रशासन और ब्लॉक के अधिकारियों से गांव के गंदे पाली की निकासी की व्यवस्था करने और इस पूरी समस्या से निजात पाने की मांग की यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं निकला तो आगे यह लोग जिलाधिकारी के कार्यालय पर पहुंचकर के विरोध प्रदर्शन कर इस समस्या का हाल निकलवाने की मांग करेंगे
बीओ,, अब देखने वाली बात यह होगी कि जिस तरीके से गांव में मुख्य रास्तों पर गांव की गंदी नालियों का पानी इकट्ठा हो गया है जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना कर अपने घर का सफर तय करना पड़ रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं क्या जल्द प्रशासन इस समस्या का हल निकलता है या शासन प्रशासन एक बड़ी बीमारी फैलने के इंतजार कर रहा है












