खुल रहा आरक्षण का पिटारा, सरपंच उम्मीदवारों में भारी हलचल, जानें किसका कटेगा पत्ता और किसकी चमकेगी किस्मत !

खुल रहा आरक्षण का पिटारा, सरपंच उम्मीदवारों में भारी हलचल, जानें किसका कटेगा पत्ता और किसकी चमकेगी किस्मत !
विशेष रिपोर्ट -सत्यनारायण सेन गुरला
गुरला/भीलवाड़ा/जयपुर / उपखंड ब्यूरो पदों का गणित प्रदेश के 14,403 सरपंच और 1.30 लाख से अधिक वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण का लाइव निर्धारण।
आधी आबादी का दबदबा सभी श्रेणियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, राज्यभर में 7,200 से अधिक महिला सरपंच बनेंगी।
बदलेगा सियासी समीकरण लॉटरी (रोटेशन) पद्धति के कारण पुरानी आरक्षित सीटें सामान्य और सामान्य सीटें आरक्षित वर्ग में तब्दील हो रही हैं।
उपखंड स्तर पर लॉटरी कुछ देर में शुरू, चौपालों पर थमी सांसें
राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव को लेकर आज सबसे बड़ा दिन है। जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों का भाग्य कल तय होने के बाद, आज सुबह 11 बजे से सभी उपखंड मुख्यालयों पर सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही गांवों की चौपालों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी राजनीतिक हलचल देखी जा रही है। I
7,200 से अधिक ग्राम पंचायतों की कमान संभालेंगी महिला सरपंच
इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर महिलाओं की 50% अनिवार्य भागीदारी से हो रहा है। आज की लॉटरी से लगभग 7,200 महिला सरपंच और 65 हजार महिला वार्ड-पंचों का चुना जाना तय हो जाएगा। सामान्य (अनारक्षित) वर्ग की सीटों में भी आधे पद महिलाओं के खाते में जाएंगे, जिसके कारण कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण पूरी तरह बिगड़ चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्यभर में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 3,058, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 2,493 और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 1,961 सरपंच पद आरक्षित किए जा रहे हैं। टीएसपी क्षेत्र के चार जिलों (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर) में सरपंच के सभी पद पूर्ण रूप से एसटी (ST) वर्ग के लिए ही रिजर्व रहेंगे। Dainik Bhaskar
रोटेशन प्रणाली से मची खलबली: कई का पत्ता कटेगा, कई को मिला मौका
पंचायती राज नियमों के अनुसार, आरक्षण रोटेशन (चक्रीय) प्रणाली के तहत तय किया जाता है। इसका मतलब यह है कि जो सीट पिछली बार जिस वर्ग के लिए आरक्षित थी, वह इस बार बदल जाएगी। इस नियम के कारण पिछले 2 सालों से गांव में जमीन तैयार कर रहे कई संभावित उम्मीदवारों को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनकी पंचायत अब दूसरे वर्ग या महिला के लिए आरक्षित हो सकती है। वहीं, नए और युवा चेहरों के लिए यह लॉटरी एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है। I
15 नवंबर तक चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य
माननीय राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग 15 नवंबर 2026 तक मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने की तैयारी में जुटा है। आज शाम तक सभी ग्राम पंचायतों की आधिकारिक आरक्षण सूची उपखंड कार्यालयों और जिला कलेक्ट्रेट के सूचना पट्ट पर जारी कर दी जाएगी, जिसके तुरंत बाद गांवों में चुनावी जंग की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।



