कलेक्टर नहीं, ‘गुरुजी’ बनकर पहुंचे डीएम, अभ्युदय केंद्र में पढ़ाया सफलता का मंत्र

कलेक्टर नहीं, ‘गुरुजी’ बनकर पहुंचे डीएम, अभ्युदय केंद्र में पढ़ाया सफलता का मंत्र
ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 07 अगस्त। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह शुक्रवार को प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित कक्षाओं में पहुंचकर उन्होंने ‘गुरुजी’ की भूमिका निभाई। हाथ में मार्कर लेकर व्हाइट बोर्ड पर पढ़ाया, विद्यार्थियों से सवाल पूछे और कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का मंत्र दिया।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नीट कोचिंग में डीएम ने लाइमैन सीरीज, बामर सीरीज, वेव, वेव लेंथ, श्वसन और प्रकाश संश्लेषण जैसे विषयों पर छात्रों से प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों के उत्तर सुनने के बाद उन्होंने स्वयं व्हाइट बोर्ड पर संबंधित विषयों की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता शॉर्टकट से नहीं, बल्कि मजबूत अवधारणाओं, नियमित स्वाध्याय और अनुशासित तैयारी से मिलती है।
डीएम ने विद्यार्थियों से पिछली नीट परीक्षा में प्राप्त अंक भी पूछे और कहा कि असफलता अंत नहीं, बल्कि अगली सफलता की मजबूत नींव होती है। उन्होंने छात्रों को अपनी कमजोरियों की पहचान कर लगातार अभ्यास करने की सलाह दी।
इसके बाद डीएम ने यूपीएससी की कक्षा का निरीक्षण किया और अभ्यर्थियों से पढ़ाए गए विषयों पर प्रश्न किए। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा की तैयारी केवल नोट्स तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पुस्तकों का अध्ययन, नियमित स्वाध्याय, उत्तर लेखन का अभ्यास, समय प्रबंधन और समसामयिक घटनाओं की जानकारी भी उतनी ही आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की अवधारणाओं को मजबूत करते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार करें। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह एवं डायट प्राचार्य सीमा शुक्ला भी मौजूद रहीं।
प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के बीच पहुंचे, सही जवाब पर बजवाई तालियां
जनता दर्शन के बाद जिलाधिकारी का काफिला सीधे राजापुर स्थित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय पहुंचा। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा पांच के विद्यार्थियों से पर्यावरण एवं अंग्रेजी विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके अधिगम स्तर का आकलन किया।
छात्र आरुष और छात्रा लक्ष्मी देवी ने आत्मविश्वास के साथ सही उत्तर दिए, जिस पर डीएम ने पूरी कक्षा से उनके लिए तालियां बजवाईं। इसके बाद उन्होंने श्यामपट्ट पर अंग्रेजी विषय का भी अधिगम स्तर परखा और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रधानाध्यापिका ऋतु अवस्थी से नामांकन एवं उपस्थिति की जानकारी ली। विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में रटने की नहीं, बल्कि समझने और सोचने की क्षमता विकसित करना ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वास्तविक पहचान है।



