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लखीमपुर खीरी में बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 41 बाढ़ चौकियां और 14 सचल चिकित्सा दल तैनात

लखीमपुर खीरी में बाढ़ व जलभराव से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 41 बाढ़ चौकियां और 14 सचल चिकित्सा दल तैनात

ब्यूरो रिपोर्टर तुषार शुक्ला

लखीमपुर-खीरी। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। वर्तमान में जनपद के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित होते हैं जिन पर बाढ़ को लेकर तैयारी की गई है यहां मेडिकल टीम सहित अतिरिक्त इमरजेंसी दवाओं की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता द्वारा बताया गया कि जिले में बाढ़ नियंत्रण के लिए 41 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें 32 अधिकारियों तथा 140 कर्मचारियों की तैनाती कर उन्हें सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की 5 तहसीलों (लखीमपुर, पलिया, गोला, निघासन व धौरहरा) के 9 प्रभावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (नकहा, पलिया, निघासन, धौरहरा, बिजुआ, खमरिया/ईसानगर, फूलबेहड़, रमियाबेहड़ व गोला) पर त्वरित उपचार हेतु रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) का गठन किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों के लिए 14 सचल चिकित्सीय दल गठित किए गए हैं। दिनांक 05 अगस्त 2026 तक प्रभावित बाढ़ चौकी ग्रांट नं0 12 (फूलबेहड़) के ग्राम में कुल 970 प्रभावित जनसंख्या में से 247 मरीजों का उपचार किया जा चुका है तथा 1339 क्लोरीन टैबलेट व 657 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। जिले में सर्पदंश से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से वितरण हेतु मेडिसिन किट, ओआरएस पैकेट व क्लोरीन टैबलेट उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में 24×7 संचालित बाढ़ एवं संक्रामक रोग कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सभी सीएचसी और केंद्रीय औषधि भंडार में जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एंटी स्नेक वेनम एवं एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। साथ ही, 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी प्रभावित ग्रामीणों के इलाज के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं।

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