पूरनपुर तहसील के एसडीएम चालक पर गंभीर आरोप, सीएम जनसुनवाई तक पहुंचा मामला
ब्यूरो रिपोर्ट पीलीभीत

संरक्षण की आड़ में भ्रष्टाचार का जाल? पूरनपुर तहसील के एसडीएम चालक पर गंभीर आरोप, सीएम जनसुनवाई तक पहुंचा मामला
पूरनपुर (पीलीभीत)। पूरनपुर तहसील में तैनात एक एसडीएम चालक के विरुद्ध मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। शिकायत में चालक पर सरकारी पद की कथित धौंस दिखाकर धन उगाही, अवैध कारोबारियों से सांठगांठ, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने तथा सरकारी वाहन के प्रभाव का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच होना शेष है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित चालक लंबे समय से एसडीएम के नाम और सरकारी पद की कथित आड़ लेकर तहसील से जुड़े कार्यों को धन लेकर कराने का भरोसा देता है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उसने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

इतना ही नहीं, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित कर्मचारी के कथित संबंध खनन माफिया, अवैध लकड़ी कटान तथा अन्य अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों से हैं। साथ ही, सरकारी वाहन के साथ तस्वीरें खिंचवाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर प्रभाव और पहुंच का प्रदर्शन करने की बात भी कही गई है, जिससे आम लोगों पर कथित प्रभाव पड़ता है।शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई करते हुए उसकी कथित आय से अधिक संपत्ति की भी जांच कराई जाए।
SvasJsNews की अपील है कि किसी भी व्यक्ति पर लगाए गए आरोप तब तक आरोप ही माने जाते हैं, जब तक सक्षम जांच एजेंसी उनकी पुष्टि न कर दे। निष्पक्ष जांच ही सत्य को सामने ला सकती है और प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत कर सकती है।



