2027 से पहले आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को वोट नहीं देंगे, गंगा जल हाथ में लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में दिलाया जाएगा संकल्प; मैं वोट मांगने नहीं, समाज का साथ मांगने आया हूं : मुकेश सहनी

2027 से पहले आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा को वोट नहीं देंगे, गंगा जल हाथ में लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में दिलाया जाएगा संकल्प; मैं वोट मांगने नहीं, समाज का साथ मांगने आया हूं : मुकेश सहनी
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के पार्टी सुप्रीमो एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्री मुकेश सहनी ने कहा कि कश्यप-निषाद समाज अब अपने संवैधानिक अधिकार, सम्मान और आरक्षण के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज को अब अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानकर संगठित होना होगा।
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय निषाद कश्यप-निषाद समाज को उसका संवैधानिक अधिकार एवं आरक्षण दिलाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद वास्तव में समाज के हितैषी हैं, तो उन्हें या तो केंद्र सरकार से आरक्षण दिलाना चाहिए अथवा मंत्री पद से इस्तीफा देकर समाज के साथ संघर्ष करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक दल कश्यप-निषाद समाज का वोट तो लेते हैं, लेकिन समाज को उसका संवैधानिक अधिकार नहीं देते। यही कारण है कि आज भी समाज अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के समुचित लाभ से वंचित है। मुकेश सहनी ने कहा कि जिस समाज के पास संगठित वोट की ताकत होती है, सत्ता में उसी की भागीदारी सुनिश्चित होती है। अब समय आ गया है कि कश्यप-निषाद समाज अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक शक्ति का उपयोग करे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कश्यप-निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के कारण उन्हें राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने समाज के अधिकारों की लड़ाई से कभी पीछे हटने का निर्णय नहीं लिया और अंतिम समय तक इस संघर्ष को जारी रखने का संकल्प दोहराया। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि अगले महीने से पूरे उत्तर प्रदेश में “निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा” निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान गांव-गांव, कस्बों और शहरों में गंगा जल हाथ में लेकर तथा अपने पूर्वजों को साक्षी मानते हुए कश्यप-निषाद समाज के लोगों को संकल्प दिलाया जाएगा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाज को उसका संवैधानिक आरक्षण नहीं मिला, तो वे भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यह संकल्प समाज के अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “मैं वोट मांगने नहीं, कश्यप-निषाद समाज का साथ मांगने आया हूं।” समाज जब अपने अधिकारों की लड़ाई में एकजुट होगा, तब सरकार को भी उसकी ताकत स्वीकार करनी पड़ेगी। मुकेश सहनी ने कहा कि समाज को सबसे पहले अपने वास्तविक राजनीतिक विरोधी की पहचान करनी होगी। जब तक समाज यह नहीं समझेगा कि उसके अधिकारों में सबसे बड़ी बाधा कौन है, तब तक न्याय की लड़ाई अधूरी रहेगी।
उन्होंने कहा कि आज कश्यप-निषाद समाज बड़ी संख्या में विकासशील इंसान पार्टी के साथ खड़ा है और अब अपने भविष्य का निर्णय स्वयं करेगा। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से अपील करते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में समाज के हित में कार्य करना चाहते हैं, तो भाजपा छोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन में आएं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं राहुल गांधी, अखिलेश यादव तथा गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक भूमिका दिलाने का प्रयास करेंगे। मुकेश सहनी ने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांत “जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी” का समर्थन करती है। उनका कहना था कि सत्ता, शासन, शिक्षा, रोजगार और संसाधनों में सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 2 नवंबर के बाद निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के समापन के बाद आंदोलन के अगले चरण एवं आगे की राजनीतिक रणनीति की घोषणा की जाएगी।
कार्यक्रम में कार्यक्रम प्रभारी श्री प्रेमचंद कश्यप, पूर्व आईपीएस एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री बी.के. सिंह, श्री हरिओम निषाद, श्री मांगेराम कश्यप, श्री सतीश कश्यप, श्री रमेश कश्यप एवं श्री सचिन कश्यप सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।



