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बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजी घाटी: कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू, दोनों रूटों पर श्रद्धालुओं का भारी उत्साह; रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजी घाटी: कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू, दोनों रूटों पर श्रद्धालुओं का भारी उत्साह; रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

विशेष रिपोर्ट- सत्यनारायण सेन गुरला

श्रीनगर/जम्मू बाबा बर्फानी के दर्शन की आस लिए देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी देखकर रवाना किया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा बर्फानी’ के नारों के साथ श्रद्धालुओं का कारवां पवित्र गुफा की ओर बढ़ रहा है।दो पारंपरिक रूटों से हो रही यात्रा इस वर्ष भी *श्रद्धालु दो मुख्य मार्गों के जरिए पवित्र गुफा तक पहुँच रहे*
हैं:
बालटाल रूट (गांदरबल): यह लगभग 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन सीधी चढ़ाई वाला मार्ग है, जिसे तय करने में 1 से 2 दिन का समय लगता है।
पहलगाम रूट (अनंतनाग): यह लगभग 46-48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक मार्ग है। इस रास्ते से गुफा तक पहुँचने में 3 से 4 दिन का समय लगता है, जो चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुजरता है।यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन और जरूरी नियमश्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अनुसार, यात्रा पर निकलने से पहले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए रजिस्ट्रेशन कराना कानूनी तौर पर अनिवार्य है।
*आयु सीमा:* केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के शारीरिक रूप से फिट लोग ही यात्रा कर सकते हैं। 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं और बच्चों को अनुमति नहीं है।
मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य: रजिस्ट्रेशन के लिए किसी भी अधिकृत सरकारी केंद्र या डॉक्टर द्वारा जारी किया गया कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) होना बेहद जरूरी है।
रजिस्ट्रेशन का तरीका: श्रद्धालु SASB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन या देशभर की 550 से अधिक अधिकृत बैंक शाखाओं (SBI, PNB, J&K Bank) में जाकर ऑफलाइन माध्यम से अपना परमिट ले सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की फीस लगभग ₹220 और ऑफलाइन की ₹150 तय की गई है।
ऑन-स्पॉट और तत्काल सुविधा: जम्मू और पहलगाम में उन यात्रियों के लिए ऑन-स्पॉट टोकन और तत्काल पंजीकरण केंद्र भी बनाए गए हैं, जो पहले से अग्रिम बुकिंग नहीं करा पाए थे।सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीक का इस्तेमाल सुरक्षा बलों ने पूरी यात्रा लाइन पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है। इस बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) ट्रैकिंग को अनिवार्य किया गया है, जिससे हर यात्री की लाइव लोकेशन पर नजर रखी जा सके। पहाड़ों पर हो रही हल्की बारिश और बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को मौसम का अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी है।

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