गोपाल कृष्ण कालड़ा पाली कालड़ा व्यापार, समाज सेवा और धार्मिक एकता का चेहरा: महापौर

गोपाल कृष्ण कालड़ा पाली कालड़ा व्यापार, समाज सेवा और धार्मिक एकता का चेहरा: महापौर
सहारनपुर की पहचान बने पाली कालड़ा, बेदाग छवि के साथ समाज को समर्पित व्यक्तित्व
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर एक समाचार पत्र के द्वारा आयोजित एक्सीलेंस 2026 अवार्ड के तहत कई हस्तियों, राजनीतिक व सामाजिक के साथ चिकित्सको को भी सम्मानित किया गया, महापौर डॉ अजय सिंह ने कहा कि सामाजिक समरसता, व्यापारिक ओर व्यवहारिक ईमानदारी तथा धार्मिक एकता की पहचान के रूप में गोपाल कृष्ण कालड़ा(पाली कालड़ा) जिनके लिए कहा जाता है कि सर्व समाज के सुख दुख के लिये समर्पण ही इनकी विशिष्ट पहचान है। नहुमुखी प्रतीभा के धनी पाली कालड़ा स्वर्गीय सूरज प्रकाश कालड़ा के सुपुत्र है और अपने पिता के आदर्शों को अपने जीवन में जीवंत रूप से आत्मसात किया है। यही नही पाली कालड़ा सहारनपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायियों में गिने जाते हैं। जिनमे होटल राजमहल, अंबाला रोड सहारनपुर, मैसर्स सूरज प्रकाश एंड ब्रदर्स नई अनाज मंडी सहारनपुर, दुर्गा मार्बल टाइल्स एंड ग्रेनाइट, सहारनपुर, शिव शक्ति टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर, अंबाला रोड, चंद्रलोक फार्म हाउस अंबाला रोड शामिल है। पाली कालड़ा ने सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ व्यापार के साथ पाली कालड़ा कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे रहे हैं जिनमे मुख्यतः अध्यक्ष सहारनपुर पंजाबी महासभा, अध्यक्ष श्री कृष्णा राम नाटक क्लब, जुबली पार्क रामलीला कमेटी सहारनपुर, संरक्षक सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अलावा कई धार्मिक आयोजनों तक में उनकी भूमिका मार्गदर्शक की रहती है। पाली कालड़ा ने राजनीतिक रूप से भी निर्विवाद राजनीतिज्ञ की भूमिका अदा की है जिनमे 1996 में उन्होंने नगर विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। पहले ही प्रयास में लगभग 7000 वोट पाकर वे तीसरे स्थान पर रहे। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में द्वितीय स्थान पर रहे। वह चुनाव भले न जीते हों, पर जनता का भरोसा जरूर जीतने में कामयाब रहे, सहारनपुर के लिए यह गौरव की बात है कि उसके पास पाली कालड़ा जैसा व्यक्तित्व जो व्यापार की सफलता को समाजसेवा से जोड़कर चलता है। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्तिथी रही।



