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निजी कंपनी के विरोध में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन तेज, हड़ताल की चेतावनी

निजी कंपनी के विरोध में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन तेज, हड़ताल की चेतावनी

निगम की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देने का विरोध, कर्मचारियों ने जताया रोष

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर नगर निगम द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में पुरानी मंडी क्षेत्र स्थित आली की चुंगी पर आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों ने सांकेतिक आंदोलन की शुरुआत करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
बैठक को संबोधित करते हुए वाल्मीकि समाज के जिला अध्यक्ष विनोद घावरी, संघ नेताओं ब्रजमोहन चनालिया, रघुवीर चंदेल, मनमोहन सूद, अम्बर चंदेल, चेतन चणियाणे, अविनाश बिरला और विनोद घावरी ने कहा कि निजी कंपनियां अपने स्वार्थ के चलते सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी निजी कंपनियों को सफाई व्यवस्था सौंपने का प्रयोग विफल रहा था।
नेताओं ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम शहरी आजीविका केंद्र के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से सफाई कार्य करा रहा है, जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है और कर्मचारियों का शोषण भी नहीं हो रहा। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन करीब 75 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च कर निजी कंपनी को सफाई व्यवस्था का ठेका देने की तैयारी कर रहा है, जबकि वाहन व अन्य संसाधन नगर निगम के ही रहेंगे।
संगठनों ने बताया कि इस संबंध में 6 मई 2026 को मांग पत्र भी सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि निजी कंपनी को ठेका देने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन और हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।

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