विश्व रेड क्रॉस दिवस एवं विश्व थैलेसीमिया दिवस पर आयोजित हुआ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर

विश्व रेड क्रॉस दिवस एवं विश्व थैलेसीमिया दिवस पर आयोजित हुआ स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
फ़ैमिली ऑफ़ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट एवं रेड क्रॉस सोसाइटी सहारनपुर की संयुक्त पहल में 32 यूनिट रक्त हुआ एकत्र
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर विश्व रेड क्रॉस दिवस एवं विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर आज जिला अस्पताल ब्लड बैंक, सहारनपुर में फ़ैमिली ऑफ़ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट एवं रेड क्रॉस सोसाइटी सहारनपुर द्वारा संयुक्त रूप से एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों एवं अन्य गंभीर मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
शिविर में युवाओं, महिलाओं एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप 32 यूनिट रक्तदान किया गया। वहीं 10 से अधिक इच्छुक रक्तदाता स्वास्थ्य मानकों के अनुसार रक्तदान नहीं कर सके, जिन्हें भविष्य में रक्तदान हेतु प्रेरित किया गया। शिविर का संयोजन फ़ैमिली ऑफ़ ब्लड डोनर्स ट्रस्ट द्वारा किया गया।
संस्थापक तरुण भोला ने कहा कि विश्व थैलेसीमिया दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हजारों बच्चे नियमित रक्त पर निर्भर हैं। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान केवल समाज सेवा नहीं बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
संस्थापक सदस्य अर्जुन शर्मा एवं संरक्षक नीरू सिंह ने कहा कि रेड क्रॉस दिवस और रक्तदान का उद्देश्य एक ही है — मानव जीवन की रक्षा। यदि हर सक्षम व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करे तो किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विनीत रामपाल एवं अंकित तनेजा ने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। कुछ मिनट का रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है।
कुलबीर चौहान एवं विनीत चौहान ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। युवाओं की भागीदारी यह साबित करती है कि नई पीढ़ी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए आगे आ रही है।
रचना एवं गुरमेहर सिंह ने कहा कि थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए नियमित रक्तदान अत्यंत आवश्यक है। ऐसे शिविर समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।
शिविर का आयोजन पूर्णतः स्वैच्छिक एवं अनुशासित वातावरण में किया गया, जहाँ सभी चिकित्सीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया।
रक्तदान शिविर में महिला पुरुष सभी ने संयुक्त रूप से भाग लिया।




