पीलीभीत जंक्शन पर मौत को दावत! रेलवे नियमों की अनदेखी से यात्रियों की जान खतरे में
पंकज कुमार सिंह, प्रधान संपादक-SvasJsNews

पीलीभीत जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में
रेलवे नियमों की अनदेखी से यात्रियों की जान जोखिम में
पीलीभीत जंक्शन पर लगातार सुरक्षा नियमों की अनदेखी देखने को मिल रही है। स्टेशन परिसर में बड़ी संख्या में यात्री फुटओवर ब्रिज का उपयोग करने के बजाय सीधे रेलवे लाइन पार करते नजर आते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर भीड़ से बढ़ रही परेशानी
स्टेशन पर बने फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर अधिकांश यात्री बैठकर रास्ता अवरुद्ध कर देते हैं। इससे आने-जाने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्रियों को भीड़ के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे अव्यवस्था और असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
महिला एवं दिव्यांग कोचों में जनरल यात्रियों का कब्जा
रेलवे द्वारा महिलाओं एवं दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए अलग कोच निर्धारित किए गए हैं, लेकिन पीलीभीत जंक्शन पर इन कोचों में सामान्य यात्रियों की भीड़ देखने को मिलती है। आरोप है कि जनरल यात्री महिला और दिव्यांग कोचों में जबरन यात्रा करते हैं, जिससे वास्तविक यात्रियों को असुविधा और असुरक्षा दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन, GRP और RPF से की कार्रवाई की मांग
स्थानीय यात्रियों ने भारतीय रेलवे, जीआरपी एवं आरपीएफ से मांग की है कि स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। यात्रियों का कहना है कि रेलवे लाइन पार करने वालों पर सख्ती से रोक लगाई जाए, फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर बैठने वालों को हटाया जाए तथा महिला एवं दिव्यांग कोचों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत आता है पीलीभीत जंक्शन
उल्लेखनीय है कि पीलीभीत जंक्शन भारतीय रेलवे के इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत आता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं।
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