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सर्किट हाउस रोड चौड़ीकरण पर बवाल, सांसद चंद्रशेखर आजाद के पहुंचते ही रुका काम, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विरोध तेज, दलित बस्ती को निशाना बनाने का आरोप; 7 मई को कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

सर्किट हाउस रोड चौड़ीकरण पर बवाल, सांसद चंद्रशेखर आजाद के पहुंचते ही रुका काम, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विरोध तेज, दलित बस्ती को निशाना बनाने का आरोप; 7 मई को कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर  सर्किट हाउस रोड चौड़ीकरण को लेकर मंगलवार शाम उस समय तनाव बढ़ गया, जब आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अचानक मौके पर पहुंच गए और चल रही बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर कार्य कर रहे मजदूर जेसीबी मशीन लेकर वहां से हट गए, जिससे कार्रवाई अस्थायी रूप से रुक गई। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन वीवीआईपी आवागमन को ध्यान में रखते हुए सर्किट हाउस रोड का चौड़ीकरण करा रहा है। सड़क के बीच से गुजरने वाले रजवाहे के दोनों किनारों की जमीन सिंचाई विभाग के अधीन बताई जा रही है। विभाग द्वारा इसे अतिक्रमण मानते हुए कई मकानों और दुकानों पर निशान लगाए गए थे और 4 अप्रैल तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया था।  हालांकि प्रभावित लोगों का आरोप है कि तय समय सीमा से पहले ही 1 अप्रैल को कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस दौरान कई अनुसूचित जाति परिवारों के मकानों के चबूतरे और छज्जे तोड़ दिए गए। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास जमीन के वैध दस्तावेज हैं, जिनमें कुल चौड़ाई 55 फीट दर्ज है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग रजवाहे को इस माप में शामिल नहीं कर रहा है और केवल दोनों पटरियों के आधार पर कार्रवाई कर रहा है। यह मामला न्यायालय तक भी पहुंचा था, जहां से यथास्थिति बनाए रखने और प्रभावितों के पुनर्वास के निर्देश दिए गए थे, बावजूद इसके कार्रवाई रुक-रुक कर जारी रही। मंगलवार को पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में पीड़ितों ने सांसद को पूरी स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और दलित बस्ती का निरीक्षण किया। इस दौरान सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि दलित बस्ती को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाले की चौड़ाई घटाने से बरसात में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि “अन्याय करने वाले से ज्यादा दोषी वह है जो अन्याय सहता है,” और इसे मानवता एवं गरिमा के खिलाफ बताया। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर सुबोध कुमार से सांसद ने जवाब तलब किया और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो 7 मई को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने का आह्वान भी किया।

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