विकास’ नहीं ‘विनाश’ प्राधिकरण? ₹20,000 रिश्वत लेते JE आशीष सक्सेना रंगे हाथ गिरफ्तार”

‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ प्राधिकरण? ₹20,000 रिश्वत लेते JE आशीष सक्सेना रंगे हाथ गिरफ्तार”
“सहारनपुर में रिश्वतखोरी पर सर्जिकल स्ट्राइक: ‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ प्राधिकरण! ₹20,000 लेते ही JE धराया—लोकायुक्त तक पहुंची शिकायत से मचा हड़कंप”
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच सहारनपुर से एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है जिसने पूरे सिस्टम की परतें उधेड़ दी हैं। एंटी करप्शन टीम ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) में तैनात अवर अभियंता (JE) आशीष सक्सेना को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया—और यहीं से शुरू हो गया बड़ा खुलासा!
“कैश लेते ही क्रैश हुआ सिस्टम!”
सूत्रों की मानें तो आरोपी JE लंबे समय से “सेटिंग-बैठक” के खेल में माहिर था। आम लोगों के काम बिना “चढ़ावे” के नहीं होते थे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने जाल बिछाया, एंटी करप्शन टीम ने मौके पर धावा बोल दिया—और नोटों के साथ पकड़ा गया पूरा खेल!
लोकायुक्त में भी धमाका—कई बड़े नाम रडार पर!
इस मामले की गूंज अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी, जिसमें आशीष सक्सेना के साथ-साथ कई अन्य विभागीय अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
अब जांच एजेंसियां पूरे “भ्रष्टाचार सिंडिकेट” की परतें खोलने में जुट गई हैं—यानी आने वाले दिनों में कई और “चेहरे” बेनकाब हो सकते हैं।
“विकास” की आड़ में “विनाश”?
स्थानीय लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। सवाल उठ रहा है—क्या सहारनपुर विकास प्राधिकरण अब “विकास” का नहीं बल्कि “विनाश” का अड्डा बन चुका है?
हर फाइल पर कीमत, हर काम के पीछे सौदा—क्या यही है सिस्टम?
अब क्या होगा आगे?
गिरफ्तार JE के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एंटी करप्शन टीम अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की तैयारी में है।
बड़ा सवाल: क्या यह गिरफ्तारी सिर्फ “ट्रेलर” है और अभी पूरी “फिल्म” बाकी है? क्या बड़े अधिकारी भी अब कानून के शिकंजे में आएंगे?



