सरकारी तंत्र रेलवे को पूरी तरह प्राइवेट करने को तुली: अजय बिरला

सरकारी तंत्र रेलवे को पूरी तरह प्राइवेट करने को तुली: अजय बिरला
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर मजदूर विरोधी नीतियों को बढ़ावा देने के विरुद्ध रेल कर्मचारियों ने पीडब्ल्यूआई कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी के करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगो को नहीं माना गया तो वो आगे रणनीति बनाकर उग्र प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के अम्बाला मंडल के मंडल संगठन मंत्री अजय बिरला ने कहा कि सरकारी तंत्र रेलवे को पूरी तरह प्राइवेट करने को तुली है। इसका उदाहरण रेगूलर नैचर का काम ठेकेदारों को दिया जा रहा है, रेलवे ट्रैक सिग्नल, इन्जन कोच रिपेयर का काम वातानूकूलित कोच मेंटीनेन्स, टिकट बुकिंग, आरक्षण ठेकेदारों को दिया जा रहा है। मंडल संगठन मंत्री अजय बिरला ने कहा कि पुरानी पेशन को जल्द ही बहाल किया जाये तथा
एनपीएस व यूपीएस रद्द कर कोरोना काल की महंगाई भूले की फ्रीज की हुई तीन किस्ते का भुगतान किया जाए । उन्होंने कहा कि अन्य माँगों मे रिक्त पदो के बदले ठेकेदारी बंद, रिक्त पदों को तुरन्त भरा जाये। बिना मैचिंग के नये नये पद पद बढे हुए काम विए स्वीकृत हो, आठवें पे कमीशन में आर्किट इन्फलेरेशन के रेलवे में अप्रैन्टीस किये हुए बच्चों को नौकरी दी जाये इसके अलावा लार्जेर स्कीम को फिर से लागू किसा जाये, तकनीकि कैटेगरी ट्रेक भैन्टेनर, बैंक मैनेजर, लोको पायलट, टिकट चेकिंग स्टाफ, वाणिज्य लिपिक, की वर्दी भत्ता दस हजार दिया जाये। रिस्क भत्ता जो वित्त मंत्रालय के पास पेंडिंग पडा है। उसका भुगतान शीघ्र किया जाये। जो पोईन्टस मैन तथा अन्य कैटेगरी किया जाये। आठवें पे कमीशन में अपग्रेडिंग पेंडिंग पड़ी है, उसे स्वीकार करके लागू न्यूनतम अधिकतम वेतनमान का अन्तर कम किया जाये तथा रेलवे आवासों की हालत बद से बदतर है, उसमें सुधार किया जाये।



