आए दिन हाईवे पर हादसे! जिम्मेदार कौन—लापरवाही या सिस्टम की खामियां?

आए दिन हाईवे पर हादसे! जिम्मेदार कौन—लापरवाही या सिस्टम की खामियां?
SvasJsNews
राजस्थान ब्यूरो – समरथाराम सुंदेशा की विशेष रिपोर्ट
राजस्थान के जिवाणा-भीनमाल स्टेट हाईवे पर लगातार बढ़ते सड़क हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। यह मार्ग इन दिनों दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है, जहां आए दिन होने वाली घटनाएं न केवल आमजन की जान जोखिम में डाल रही हैं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल भी खोल रही हैं। ताजा मामला उनडी बस स्टैंड के पास बायोसा मंदिर के सामने सामने आया, जहां एक बाइक और कार के बीच तेज भिड़ंत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार चालक पांथेडी की ओर से आ रहा था, जबकि बाइक सवार सियावट की दिशा से जा रहे थे। बाइक पर सवार पप्पू राम मेघवाल (लगभग 34 वर्ष) एवं विशनाराम मेघवाल (लगभग 32 वर्ष) मजदूरी के लिए दासपां जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के पैरों में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को तुरंत कृष्णा अस्पताल, सियावट पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर तरसा राम ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बालोतरा अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों का उपचार जारी है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

सबसे बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन?
लगातार हो रहे इन हादसों के पीछे क्या केवल तेज रफ्तार ही जिम्मेदार है, या फिर सड़क सुरक्षा से जुड़ी अधूरी व्यवस्थाएं भी उतनी ही दोषी हैं? SvasJsNews लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है। कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग से खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर लगाने और चेतावनी संकेत लगाने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
यदि हाईवे के खतरनाक मोड़ों से पहले उचित दूरी पर स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाते, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता था।
जनता की मांग: अब समय आ गया है कि केवल वादों से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि सड़कें सुरक्षित बन सकें और आम नागरिकों की जान सुरक्षित रह सके।





