बीच बाजार वायरल वीडियो से मचा बवाल, पुलिस जवाब के बाद भी उठे गंभीर सवाल

बीच बाजार वायरल वीडियो से मचा बवाल, पुलिस जवाब के बाद भी उठे गंभीर सवाल
SvasJsNews | विशेष रिपोर्ट
पीलीभीत। जोगराजपुर बाजार में दिनदहाड़े हुई मारपीट और कथित जबरन ले जाने की घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में हलचल मची हुई है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक उत्तर में कहा गया है कि मामला दोनों पक्षों के बीच धनराशि के लेनदेन से जुड़ा विवाद है। मोटरसाइकिल व नगदी छीने जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और प्रकरण की जांच जारी है। तथ्यों के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की बात भी कही गई है। हालांकि पुलिस के इस स्पष्टीकरण के बावजूद कई अहम प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं। वायरल वीडियो में जो दृश्य सामने आ रहे हैं, वे सामान्य आर्थिक विवाद से कहीं अधिक गंभीर प्रतीत हो रहे हैं। यदि मामला केवल लेनदेन तक सीमित था, तो फिर बीच बाजार खुलेआम मारपीट और कथित रूप से जबरन उठाकर ले जाने जैसी स्थिति क्यों बनी? क्या किसी निजी विवाद के नाम पर सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की दबंगई स्वीकार्य हो सकती है?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से यह घटना चिंताजनक है। यदि ताकतवर पक्ष सरेआम दबाव बनाकर अपने पक्ष में माहौल तैयार करेगा, तो आमजन में असुरक्षा की भावना स्वाभाविक है। ऐसे में शासन-प्रशासन और न्याय व्यवस्था की भूमिका और जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। घटना में प्रयुक्त बताई जा रही मोटरसाइकिल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वह वर्तमान में किसके कब्जे में है? अब तक जांच में कौन-कौन से साक्ष्य जुटाए गए? आरोपों की पुष्टि के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए? इन बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आना आवश्यक है।
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यह स्पष्ट है कि विवाद की जड़ चाहे जो भी रही हो, कानून को हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। यदि हर व्यक्ति स्वयं ही न्याय करने लगे, तो सामाजिक व्यवस्था चरमरा जाएगी। जनता की अपेक्षा केवल इतनी है कि वायरल वीडियो के आधार पर निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच हो, आवश्यक हो तो मुकदमा दर्ज किया जाए, और पूरी प्रक्रिया जनता के विश्वास को मजबूत करे। न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि निष्पक्ष रूप से होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए—यही इस पूरे प्रकरण की सबसे बड़ी मांग बनकर सामने आ रही है।




