जालोर की बेटी सागर कंवर सोलंकी ने बढ़ाया जिले का मान, ‘विकसित भारत युवा संसद’ में राज्य स्तर पर चयन

राजस्थान ब्यूरो समरथाराम सुंदेशा की विशेष खबर
जालोर की बेटी सागर कंवर सोलंकी ने बढ़ाया जिले का मान, ‘विकसित भारत युवा संसद’ में राज्य स्तर पर चयन
जालोर जिले के छोटे से गांव मायलावास की प्रतिभाशाली बेटी सागर कंवर सोलंकी ने अपनी वाकपटुता और गहन चिंतन क्षमता से जिले का गौरव बढ़ाया है। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा मेरा भारत अभियान के तत्वावधान में आयोजित ‘विकसित भारत युवा संसद’ प्रतियोगिता में सागर कंवर ने जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तर पर विधानसभा के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया है। अब वे राज्य स्तरीय मंच पर जालोर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 25 फरवरी 2026 को वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जालोर में हुआ। प्रतियोगिता का विषय था “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक।” जिलेभर से आए प्रतिभागियों के बीच सागर कंवर (सुपुत्री श्री छैल सिंह सोलंकी) ने अपने तार्किक विश्लेषण, ऐतिहासिक संदर्भों और प्रभावशाली प्रस्तुति से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।

अपने तीन मिनट के संबोधन में उन्होंने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्णय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता से अधिक महत्वपूर्ण जनता की आवाज और संविधान की मर्यादा होती है। उनके ओजस्वी शब्दों ने सभा में उपस्थित श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। विशेष बात यह रही कि इस प्रतियोगिता में सोलंकी परिवार की दो सगी बहनों—सागर कंवर और मनीषा कंवर—का जिला स्तर पर चयन हुआ था। दोनों बहनों ने अपने विचारों से मंच को सार्थक बनाया, जो क्षेत्र की बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।

सागर कंवर की इस सफलता से मायलावास सहित पूरे जालोर जिले में हर्ष की लहर है। शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों ने इसे ग्रामीण प्रतिभा की सशक्त पहचान बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।




