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रायपुर क्षेत्र में रोडवेज बसों की मांग तेज, हड़ताल से यात्री बेहाल

रायपुर क्षेत्र में रोडवेज बसों की मांग तेज, हड़ताल से यात्री बेहाल

SvasJsNews | विशेष रिपोर्ट
सत्यनारायण सेन गुरला

भीलवाड़ा जिले का रायपुर क्षेत्र गंगापुर–रायपुर स्टेट मार्ग से जुड़ा होने के बावजूद आज भी नियमित रोडवेज बस सेवा से वंचित है। वर्षों से क्षेत्रवासी सरकारी बसों के संचालन की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान सामने नहीं आया। हाल ही में निजी बस संचालकों और ट्रेवल्स एसोसिएशन द्वारा किए गए चक्का जाम और हड़ताल के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गई, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रायपुर, देवगढ़, जोधपुर और गंगापुर को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री शिक्षा, रोजगार, व्यापार और उपचार के लिए इस मार्ग से आवागमन करते हैं। लेकिन राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों का नियमित संचालन नहीं होने से लोगों को निजी बसों, जीप और टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी वाहन संचालक मनमाना किराया वसूलते हैं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। विशेष अवसरों पर महिलाओं को निशुल्क यात्रा, किराए में 50 प्रतिशत तक की छूट, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों को रियायत जैसी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी रायपुर क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि जब सरकारी बसें ही उपलब्ध नहीं होंगी तो इन योजनाओं का लाभ कैसे मिलेगा? ग्रामीण अंचल के कई गांव स्टेट हाईवे से लगे होने के बावजूद परिवहन सुविधा से दूर हैं।

इलाज के लिए रायपुर क्षेत्र के लोगों को लगभग 75 किलोमीटर दूर भीलवाड़ा जाना पड़ता है। नियमित रोडवेज सेवा न होने से मरीजों और उनके परिजनों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। निजी बसों के लेट फीस दबाव के कारण तेज गति से संचालन के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। कई बार स्कूली छात्र-छात्राएं बसों की छत पर बैठकर सफर करते दिखाई देते हैं, जो गंभीर खतरे का संकेत है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि भीलवाड़ा आगार की एक भी बस रायपुर तक संचालित नहीं हो रही है। पूर्व में जयपुर और जोधपुर डिपो की कुछ बसें चली थीं, लेकिन वे भी नियमित नहीं रह सकीं। स्थानीय लोगों ने विधायक लादूलाल पितलिया और संबंधित रोडवेज अधिकारियों से मांग की है कि भीलवाड़ा, जोधपुर, पाली, ब्यावर, फालना, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर आगार से सीधी कनेक्टिविटी शुरू की जाए।

हड़ताल के कारण कई रूट पूरी तरह प्रभावित रहे। रायपुर रूट पर दो निजी बसें बंद रहीं और कोई रोडवेज बस उपलब्ध नहीं थी। गंगापुर रूट पर सभी निजी व ट्रैवल्स बसें बंद रहीं, केवल एक रोडवेज बस वह भी जयपुर आगार की, रात 9 बजे संचालित होती है। करेड़ा–देवगढ़, कपासन, भीम, बागौर, ब्यावर, बस्सी और रावतभाटा रूट पर भी निजी बसें बंद रहीं और अधिकांश मार्गों पर एक भी रोडवेज बस उपलब्ध नहीं थी, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ी। नई सरकार के गठन के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि रायपुर क्षेत्र को शीघ्र ही नियमित रोडवेज बस सेवा मिलेगी। यदि रायपुर–कोशीथल –गंगापुर–भीलवाड़ा मार्ग पर सरकारी बसों का संचालन सुचारु रूप से शुरू होता है तो आमजन को राहत मिलेगी, दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी मिल सकेगा।अब देखना यह है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस जनहित की मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं।

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