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सहारनपुर मे नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ….

सहारनपुर मे नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ….

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद बदली आंतरिक सुरक्षा की रणनीति, सहारनपुर के 360 स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा को तैयार, उत्तर प्रदेश शासन एवं नागरिक सुरक्षा निदेशालय, लखनऊ के निर्देशों के क्रम मे, सहारनपुर में आज सात दिवसीय ‘क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का द्वितीय चरण उत्साहपूर्वक शुरू हुआ। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश के सभी 75 ज़िलों मे नागरिक सुरक्षा के विस्तार की कड़ी में यह आयोजन 22 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक महाराज सिंह कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य और पाठ्यक्रम:

आज 23.02.2026 को आयोजित सत्र में विशेषज्ञों द्वारा स्वयंसेवकों को अग्नि सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। मुख्य वक्ताओं में उप-नियंत्रक कश्मीर सिंह, सहायक उप-नियंत्रक दिनेश कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह एवं मुख्य अग्निशमन अधिकारी-2 रिषभ पंवार शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान Fire Triangle, दहन के सिद्धांत, आग के वर्गीकरण, आग लगने के संभावित कारण एवं बचाव, अग्निशमन की विधियां (Extinction methods), हाउस फायर पार्टियों का संगठन तथा अग्निशमन यंत्रों के प्रभावी उपयोग पर गहन जानकारी प्रदान की गई।

ऐतिहासिक संदर्भ और विस्तार:

मई 2025 के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा में नागरिक सुरक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उप-नियंत्रक श्री कश्मीर सिंह ने बताया कि 29 मई 2025 की भारत सरकार की अधिसूचना के बाद मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में प्रदेश के सभी ज़िलों मे विभाग का विस्तार हुआ। सहारनपुर में निर्धारित 360 स्वयंसेवकों के लक्ष्य के सापेक्ष, प्रथम चरण में 150 सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।आज से शुरू हुए द्वितीय चरण में 210 नए स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिससे ज़िले मे कुल 310 (प्रक्रियाधीन) प्रशिक्षित रक्षक तैयार हो जाएंगे।

बिना वर्दी के सिपाही हैं वार्डन:

चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन साहब ने स्वयंसेवकों को ‘बिना वर्दी का सिपाही’ बताते हुए कहा कि सिविल डिफेंस का मुख्य लक्ष्य हवाई हमलों के दौरान जन-धन की क्षति को कम करना, जनता का मनोबल बनाए रखना और आपदा के समय राहत कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने सहारनपुर की बढ़ती आबादी को देखते हुए जल्द ही चार नए डिवीजन सक्रिय करने की घोषणा भी की।

यह प्रशिक्षण न केवल आपदा प्रबंधन बल्कि शांति व्यवस्था और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

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