सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 80% प्राथमिकता देने की मांग, मुख्यमंत्री कोठारी को पत्र
रिपोर्ट: सत्यनारायण सेन गुरला |

सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 80% प्राथमिकता देने की मांग, मुख्यमंत्री कोठारी को पत्र
रिपोर्ट: सत्यनारायण सेन गुरला | SvasJsNews | भीलवाड़ा
प्रदेश की सरकारी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दिलाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर अराजपत्रित पदों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा सुधार करने की मांग उठाई है। विधायक कोठारी ने सुझाव दिया है कि प्रदेश में होने वाली अराजपत्रित भर्तियों में 80 प्रतिशत पद संबंधित जिले के स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किए जाएं, जबकि शेष 20 प्रतिशत पद अन्य जिलों के उम्मीदवारों के लिए रखे जाएं।
विधायक कोठारी ने अपने पत्र में वर्तमान व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि अन्य जिलों के अभ्यर्थी नियुक्ति के बाद कुछ समय में ही अपने गृह जिले में स्थानांतरण करा लेते हैं। इससे संबंधित जिले में पद पुनः रिक्त हो जाते हैं और प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ विकास योजनाएं भी प्रभावित होती हैं। आम जनता को समय पर सेवाएं नहीं मिल पातीं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के सभी जिलों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां समान नहीं हैं। कई जिलों में शिक्षा के अवसर सीमित हैं, जिसके कारण स्थानीय युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में पिछड़ जाते हैं और अपने ही जिले में रोजगार से वंचित रह जाते हैं। यदि जिलेवार प्राथमिकता तय की जाती है, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के समान अवसर मिल सकेंगे।

विधायक कोठारी ने पटवारी, कनिष्ठ लिपिक, अध्यापक, ग्राम विकास अधिकारी, नर्सिंगकर्मी और वनकर्मी जैसे अराजपत्रित पदों पर इस नीति को लागू करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि आगामी भर्तियों की विज्ञप्तियां इसी नई व्यवस्था के तहत जारी की जाएं।
कोठारी ने विश्वास जताया कि इस कदम से जिलों में कर्मचारियों की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी, प्रशासन मजबूत होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
SvasJsNews के अनुसार यह मांग प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बनती जा रही है।




