संसद में सक्रियता का मिसाल बने सांसद दामोदर अग्रवाल 100% उपस्थिति, 25 सवाल और 3 निजी विधेयकों से भीलवाड़ा की बुलंद आवाज
ब्यूरो रिपोर्ट- सत्यनारायण सेन गुरला

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संसद में सक्रियता का मिसाल बने सांसद दामोदर अग्रवाल
100% उपस्थिति, 25 सवाल और 3 निजी विधेयकों से भीलवाड़ा की बुलंद आवाज

भीलवाड़ा (राजस्थान)।
संसद के शीतकालीन सत्र–2025 में भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से सांसद दामोदर अग्रवाल ने अपनी सक्रियता, प्रतिबद्धता और प्रभावी हस्तक्षेप से यह साबित कर दिया कि यदि जनप्रतिनिधि सजग हो, तो संसद वास्तव में जनता की आवाज़ बन सकती है। सांसद अग्रवाल ने न सिर्फ सदन में 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि 25 महत्वपूर्ण प्रश्न, 4 बार बहसों में सहभागिता और 3 निजी विधेयकों के माध्यम से क्षेत्रीय व राष्ट्रीय सरोकारों को मजबूती से उठाया।
सांसद प्रवक्ता विनोद झूरानी ने जानकारी देते हुए बताया कि शीतकालीन सत्र के दौरान सांसद अग्रवाल ने भीलवाड़ा और राजस्थान से जुड़े विकास, आधारभूत सुविधाओं, जनकल्याण योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषयों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। उनके सवालों और तर्कों ने न केवल समस्याओं को उजागर किया, बल्कि समाधान की दिशा में जवाबदेही भी तय की।

सदन में पेश किए गए 3 प्रमुख निजी विधेयक
शीतकालीन सत्र में सांसद दामोदर अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत तीनों निजी विधेयक विशेष चर्चा का केंद्र रहे—
1. विधेयक संख्या 118/2024
राजस्थान राज्य में वृक्षों के भू-मानचित्रण हेतु विशेष वित्तीय सहायता विधेयक
इस विधेयक का उद्देश्य राजस्थान में वृक्षारोपण के दौरान लगाए जाने वाले वृक्षों व पौधों के भू-मानचित्रण (Geo-Mapping) के खर्च के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को वैज्ञानिक आधार मिल सके।
2. विधेयक संख्या 121/2024
हिंदू धार्मिक उपासना स्थल (पशुवध एवं मांसाहारी खाद्य निषेध) विधेयक
इस विधेयक के तहत हिंदू धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पशुवध, मांसाहारी खाद्य के विपणन, व्यापार, पकाने, परोसने व उपभोग पर प्रतिबंध का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
3. विधेयक संख्या 134/2024
राजस्थान में प्राचीन स्मारक व पुरातत्वीय स्थलों हेतु विशेष वित्तीय सहायता विधेयक
इस विधेयक के माध्यम से राजस्थान के प्राचीन व ऐतिहासिक स्मारकों, नए पुरातत्वीय स्थलों के उत्खनन, मरम्मत, नवीकरण और संरक्षण के लिए विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है।
संतुलित और तथ्यात्मक हस्तक्षेप
सांसद अग्रवाल ने बहसों के दौरान तथ्यात्मक, संतुलित और जनहित केंद्रित दृष्टिकोण रखा। उनकी यह भूमिका उन्हें संसद के सक्रिय और प्रभावी सांसदों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है।
जनता में संतोष, क्षेत्र को गर्व
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने सांसद दामोदर अग्रवाल की इस सक्रियता पर संतोष जताते हुए कहा कि वे निरंतर संसद के माध्यम से भीलवाड़ा की अपेक्षाओं और जरूरतों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रख रहे हैं।

शीतकालीन सत्र 2025 : रिपोर्ट कार्ड
अवधि: 01 दिसंबर से 19 दिसंबर 2025
- सदन में उपस्थिति : 100%
- बहसों/मुद्दों में भागीदारी : 04 बार
- कुल प्रश्न : 25
- निजी विधेयक : 03
- कुल सक्रिय भागीदारी : 32
सांसद दामोदर अग्रवाल की शीतकालीन सत्र में प्रभावी मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि जब जनप्रतिनिधि जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करता है, तब संसद सच मायनों में लोकतंत्र की सशक्त आवाज़ बनती है।



