#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशदेशब्रेकिंग न्यूज़सहारनपुर

तीन प्रमुख होटल बिना स्वीकृत नक्शे के सील, लोकायुक्त शिकायत के बाद खुला अवैध निर्माण माफिया का खेल

तीन प्रमुख होटल बिना स्वीकृत नक्शे के सील, लोकायुक्त शिकायत के बाद खुला अवैध निर्माण माफिया का खेल

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर शहर में आज सुबह से हड़कंप मचा हुआ है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) ने जोन-9 में बिना स्वीकृत मानचित्र और नियमों के विरुद्ध निर्माण कर रहे होटल शेफायर इन, होटल वरदान और होटल क्वालिटी को अचानक सील कर दिया। यह कार्रवाई एकम लोकायुक्त को भेजी गई शिकायत के बाद की गई, जिससे शहर में लंबे समय से चल रहे अनियंत्रित निर्माण और नियमों की अवहेलना के कई तथ्य सामने आए हैं। सूत्रों की मानें तो शिकायत में आरोप था कि यह होटल कई वर्षों से बिना अनुमोदन और स्वीकृत नक्शे के चलते आ रहे थे, लेकिन सहारनपुर विकास प्राधिकरण की टीम उस दौरान पूरी तरह मौन रही। सवाल उठ रहे हैं कि जब यह होटल निर्माणाधीन थे, तब क्यों कोई कार्रवाई नहीं हुई और अधिकारी कहां थे। यह भी चर्चा का विषय है कि क्या SDA जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा था या निरीक्षण में चूक हुई।
और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता शोयब आलम पर आरोप है कि उन्होंने शहर के अपने क्षेत्र में कई बड़े अवैध निर्माण कार्य करवाए हैं। सूत्रों के अनुसार, शोयब आलम ने अवैध निर्माण माफिया को संरक्षण दिया हुआ था, जिससे कई होटल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स बिना स्वीकृत नक्शे और नियमों का उल्लंघन करते हुए पूरे शहर में खड़े हो गए।‌ लोकायुक्त की निगरानी में हुई इस कार्रवाई में SDA की टीम ने तीनों होटलों पर तुरंत ताले जड़ दिए, जिससे होटल संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारीयों का कहना है कि यह कार्रवाई सभी के लिए चेतावनी है कि नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी निर्माण में नियमानुसार अनुमति अनिवार्य है। आज की कार्रवाई में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सहायक अभियंता वीरेश कुमार राना, अम्बरीश कुमार, सार्थक शर्मा, शमीम अख्तर, अवर अभियंता प्रदीप कुमार गोयल, शोयब आलम, धर्मवीर बंसल, आशीष सक्सेना, तथा मेट टीम के मदनपाल, राहुल कुमार, लाल बहादुर, विजय बिष्ट, करमवीर, सुभाष और रिजवान ने भाग लिया। टीम ने होटलों में बिना स्वीकृत निर्माण का निरीक्षण करते हुए पूरी कार्रवाई को सुचारू रूप से अंजाम दिया। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में कितने और होटल, कॉम्प्लेक्स या अन्य भवन ऐसे हैं जो बिना नक्शे और अनुमति के चल रहे हैं? क्या अब SDA इनकी व्यापक जांच करेगा और क्या भविष्य में निर्माण चरण में ही सख्त निरीक्षण लागू होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों को समय रहते रोका नहीं गया तो नियमों और स्वीकृत मानचित्र की अनदेखी का सिलसिला जारी रहेगा। स्थानीय नागरिक और व्यापारिक समुदाय दोनों ने इस कार्रवाई को स्वागत योग्य बताया, लेकिन कई लोग शोयब आलम के कथित संरक्षण की बातें सुनकर हैरान हैं। अब शहर की निगाहें लोकायुक्त और SDA की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। इससे यह स्पष्ट है कि सहारनपुर में अब निगरानी और नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। यह कार्रवाई न सिर्फ तीन होटलों को सील करने तक सीमित है, बल्कि पूरे शहर में अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर नियंत्रण लाने की दिशा में कदम है।

Related Articles

Back to top button