ग्राम पंचायत खलीलपुर में तफसील मलिक की दावेदाराी से बदल सकते हैं चुनावी समीकरण।

बीजनोर।स्योहारा।स्योहारा चाहे बजुर्ग,हो या यूवा, सरभी को बराबर सम्मान और सविधा मिलनी चाहिए ग्रामीणों से लगातार संपर्क करने, समस्याओं को सनने और समाधान का भरोसा देने की उनकी शैली लोगों को प्रभावित कर रही है।ग्राम पंचायत खलीलपुर में आगामी पंचायत चूनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं गांव के युवा, शिक्षित और ऊर्जावान चेहरे तफसील मलिक की दावेदारी चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। तफसील मलिक के मैदान में आने से पंचायत के चनावी समीकरणों में बडा बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी विश्लेषक का मानना है कि यदि तफसील मलिक ने औपचारिक रूप से नामांकन किया. तो खलीलपर पंचायत में मुकाबल बेहद रोचक और कड़ा हो जाएगा।युवा नेतृत्व की चाहत रखने वाले मतदाताओं के बीच वह एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत लंबे समय से बनियादी सविधाओं और विकास के ठोस प्रयासों की प्रतीक्षा कर रही है। ऐसे में तफसील मलिक जैसे पढे- लिखे और जागरूक युवा का चुनाव में उतरना गांव के लिए नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। तफसील मलिक शिक्षा स्वच्छता, यवाओं के रोजगार, खेलकूद व बनियादी ढांचे के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हैं।
ग्राम पंचायत खलीलपुर में फिलहाल हर गली-मोहल्ले में तफसील मलिक के नाम की चर्चा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चनावी मौसम में उनकी लोकप्रियता मतों में परिवर्तित होती हैया नहीं।हालांकि इतना तय है कि उनकी दावेदारी ने गांव की राजनीति में नई ऊर्जा और नई दिशा देने का काम जरूर किया है।
तफसील मलिक की लोकप्रियता गांव के युवाओं में विशेष रूप से देखी जा रही है।



