#SvasJsNewsउत्तर प्रदेशदेशब्रेकिंग न्यूज़रायबरेली

मातृ स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव: एनीमिया प्रबंधन हुआ सुदृढ़

मातृ स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव: एनीमिया प्रबंधन हुआ सुदृढ़

एफआरयू सलोन में MAMC से मातृ एनीमिया में 3.7 गुना सुधार

रायबरेली, 05 दिसंबर 2025
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नवीन चंद्रा ने बताया है कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया (मातृ एनीमिया) एक गंभीर चुनौती है, जिसका असर माँ और गर्भस्थ शिशु दोनों पर पड़ता है। रायबरेली जिले के सलोन ब्लॉक में यह समस्या लंबे समय से मौजूद थी। मॉडरेट (मध्यम) और गंभीर एनीमिया से ग्रसित होने के बावजूद बहुत कम गर्भवती महिलाएँ ही आयरन सुक्रोज (IV Iron) ले पा रही थीं। सितम्बर 2024 से मार्च 2025 के बीच पूरे ब्लॉक में केवल 70 डोज ही चढ़ पाईं।
इसका मुख्य कारण था जागरूकता की कमी, काउंसलिंग का अभाव और एनीमिया प्रबंधन के लिए समुचित स्थान या व्यवस्था न होना।
इसी चुनौती को देखते हुए अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (UPTSU) के सहयोग से फर्स्ट रेफेरल यूनिट (एफआरयू) सलोन में मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट कार्नर (MAMC) की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य मध्यम एवं गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं का व्यवस्थित प्रबंधन करना था।

कैसे काम करता है MAMC

MAMC की गाइडलाइन के अनुसार एफआरयू स्तर पर:

गर्भवती महिलाओं की मध्यम एवं गंभीर एनीमिया की स्क्रीनिंग

ऐसी महिलाओं की लाइन लिस्टिंग

पोषण, आयरन सुक्रोज और डोजिंग से जुड़ी विस्तृत काउंसलिंग

समय पर आयरन सुक्रोज की डोज चढ़ाने की व्यवस्था

डोज के बाद फॉलोअप

स्टाफ का प्रोटोकॉल-आधारित प्रशिक्षण

Iron Sucrose Register का सही उपयोग सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग को सुदृढ़ किया गया

सकारात्मक परिणाम

MAMC शुरू होने के आठ महीनों में कुल 263 डोज चढ़ाई गईं—जो पहले की तुलना में 3.7 गुना अधिक है।

ये आंकड़े बताते हैं कि सही स्क्रीनिंग, काउंसलिंग, समय पर उपचार और नियमित फॉलोअप से एनीमिया प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

मुख्य प्रभाव

काउंसलिंग और उपचार सेवाएँ बेहतर हुईं

उच्च स्वास्थ्य संस्थानों पर संदर्भन (रेफरल) कम हुआ

ब्लॉक एवं सीएचसी स्तर पर एनीमिया प्रबंधन अधिक मजबूत हुआ

यह मॉडल दर्शाता है कि सुव्यवस्थित MAMC अप्रोच, प्रशिक्षित स्टाफ और नियमित मॉनिटरिंग से ब्लॉक स्तर तक मातृ स्वास्थ्य में बड़े सुधार संभव हैं।

विशेषज्ञों की राय

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया है कि “यह केवल एक एफआरयू सलोन का उदाहरण है जहाँ MAMC स्थापित होने से मातृ एनीमिया प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है बाकि तीन एफआरयू ऊंचाहार, लालगंज और बछरावां पर भी यह स्थापित किये गए हैं और वहां भी उल्लेखनीय वृद्धि हुयी है। आयरन सुक्रोज़ की उपलब्धता और नियमित सेवा यह दर्शाती है कि टीमवर्क और मॉनिटरिंग का सीधा लाभ गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है।“ अन्य बचे हुए एफआरयू और सीएचसी पर MAMC खोलने की कवायद जारी है।
सीएचसी सलोन अधीक्षक डॉ. अमित सिंह ने बताया है कि “MAMC की स्थापना के बाद मातृ एनीमिया प्रबंधन मजबूत हुआ है। आयरन सुक्रोज़ प्रशासन में बढ़ोतरी साबित करती है कि नियमित स्क्रीनिंग, काउंसलिंग और टीम वर्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार किया जा सकता है।”

गर्भवती महिलाएँ भी महसूस कर रहीं बदलाव

सरिता (गाँव–करहिया बाजार, सलोन) ने बताया कि “पहले बहुत कमजोरी रहती थी, लेकिन आयरन चढ़ने के बाद अब मैं खुद को काफी बेहतर और स्वस्थ महसूस करती हूँ।”

Related Articles

Back to top button