खबर छापने की रंजिश में पत्रकार ज़ाकिर पर जानलेवा हमला; कवरेज कर रहे दूसरे पत्रकार को भी पीटा, पुलिस ने दो को दबोचा… सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल…?

खबर छापने की रंजिश में पत्रकार ज़ाकिर पर जानलेवा हमला; कवरेज कर रहे दूसरे पत्रकार को भी पीटा, पुलिस ने दो को दबोचा… सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल…?
सहारनपुर थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के रहमानी चौक निवासी पत्रकार ज़ाकिर मलिक पर बेखौफ बदमाशों द्वारा जानलेवा हमला करने, घर पर चढ़ाई करने और वाहनों में तोड़फोड़ मचाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार के अनुसार, कुछ समय पूर्व क्षेत्र की एक खबर प्रकाशित करने से रंजिश रखते हुए कार सवार सादिक और उसके लगभग चार-पांच साथियों ने ऑफिस से घर लौटते समय उन्हें पीछे से तेज रफ्तार गाड़ी से टक्कर मारकर जान से मारने का प्रयास किया। जब पत्रकार किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंचे, तो बेखौफ आरोपी हथियारों से लैस होकर उनके घर में भी घुस आए और जमकर गुंडागर्दी की। बदमाशों ने वहां खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की, जिसकी पूरी वारदात वीडियो में साफ कैद हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही 112 डायल समेत थाना देहात कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मुस्तैदी दिखाते हुए दो बदमाशों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि घटना की वीडियो बना रहे एक अन्य पत्रकार के साथ भी उन्होंने बदसलूकी करते हुए मारपीट कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने देर रात्रि में ही पीड़ित पत्रकार का अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण करवाया। पीड़ित पत्रकार ज़ाकिर मलिक ने थाना देहात कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर नामजद आरोपी सादिक और उसके आपराधिक पृष्ठभूमि वाले साथियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने जिले में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब सच उजागर करने वाले पत्रकार ही अपने घर के बाहर और अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? कवरेज कर रहे दूसरे पत्रकार पर हमला और वाहनों में सरेआम तोड़फोड़ यह साबित करती है कि अपराधियों के मन से कानून और पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। स्थानीय पत्रकार संगठनों और समाजसेवियों में इस वारदात को लेकर गहरा रोष है। सभी ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग की है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं और सभी आरोपियों पर ऐसी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो जो अपराधियों के लिए नजीर बने।
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी



