दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर गूंजा विश्व बंधुत्व का संदेश

दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर गूंजा विश्व बंधुत्व का संदेश
ब्यूरो रिपोर्टर -तुषार शुक्ला
गोला गोकर्णनाथ, खीरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को मोहल्ला मुन्नूगंज स्थित राजयोग केंद्र पर विश्व बंधुत्व दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में दादी प्रकाशमणि जी के जीवन, उनकी आध्यात्मिक सेवाओं और मानवता के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके बताए प्रेम, शांति, सद्भाव और भाईचारे के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला ‘रिंकू’ ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी ने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए समर्पित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी लोगों को सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
विशिष्ट अतिथि सुर्जनलाल वर्मा ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना केवल विचारों तक सीमित न रहकर व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए। आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग से ही समाज में शांति और सद्भाव का वातावरण बनाया जा सकता है।
वक्ता दीपक ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, नकारात्मकता और आपसी दूरियों के बीच आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक सोच की आवश्यकता बढ़ गई है। बीके अंजलि ने दादी प्रकाशमणि जी के आध्यात्मिक जीवन और सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन को त्याग, सेवा, प्रेम और करुणा का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में बिना कोचिंग के नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले डा. एसपी पटेल के पुत्र कर्तव्य पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच जरूरी है। अतिथियों ने कर्तव्य पटेल की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। संचालन आदेश ने किया। अंत में बीके राधेश्याम ने सभी अतिथियों, ब्रह्माकुमारियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डा. रामनरेश वर्मा, श्याम सिंह, डोरेलाल, रामकिशोर गुप्ता, कमलेश, ओमप्रकाश, रविन्द्र कटियार, महेश अवस्थी, राजाराम, प्रतीक, तारावती, नीलम, मंजू, रोली सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।



