हाइपरटेंशन पर एपीआई की वैज्ञानिक गोष्ठी – विशेषज्ञ ने बताए बचाव के उपाय-

हाइपरटेंशन पर एपीआई की वैज्ञानिक गोष्ठी – विशेषज्ञ ने बताए बचाव के उपाय-
डायबिटीज-हार्ट और किडनी रोगियों का बीपी 130/80 से कम रखने पर जोर- खान-पान- व्यायाम-तनाव और मोटापे पर नियंत्रण की सलाह-चिकित्सकों ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियां…
ब्यूरो रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई)-सहारनपुर ब्रांच की मासिक वैज्ञानिक गोष्ठी जीपीओ रोड स्थित होटल के सभागार में आयोजित हुई- गोष्ठी में फोर्टिस हॉस्पिटल- मोहाली के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुधांशु बुडाकोटी ने हाइपरटेंशन विषय पर विस्तृत जानकारी दी- उन्होंने बताया कि डायबिटीज – हृदय एवं गुर्दे के रोगियों का ब्लड प्रेशर 130/80 से कम रखना जरूरी है – इससे अधिक बीपी रहने पर हृदय और गुर्दों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है -तीन दवाओं के बावजूद बीपी नियंत्रित न होने की स्थिति को रेसिस्टेन्ट हाइपरटेंशन बताते हुए उन्होंने एमआरए दवा के उपयोग को लाभदायक बताया -एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद ने गर्भावस्था के दौरान बीपी नियंत्रण में सावधानी बरतने की सलाह दी – उन्होंने निफेडिपीन, लेबीटोलोल, मिथाइलडोपा व क्लोनिडिन के उपयोग की जानकारी दी-नमक, वसायुक्त भोजन व एल्कोहल कम करने, हरी सब्जियां, फल व मछली खाने, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, तनाव से बचने और 6-8 घंटे नींद लेने पर जोर दिया-कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉ. सौम्या जैन ने किया- इस अवसर पर डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. रजनीश दहूजा, डॉ. जयपाल चन्द, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. मोहन पाण्डेय, डॉ. अतुल जैन, डॉ. प्रवीण मित्तल, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. अंकुर उपाध्याय, डॉ. बी.सी. दत्ता, डॉ. सत्यानंद साथी, डॉ. अनुज पंवार, डॉ. सी.एस. चोपड़ा, डॉ. विजय अग्रवाल व डॉ. अनुराग गर्ग आदि चिकित्सक मौजूद रहे।



