हजारा और सेहरामऊ उत्तरी में बनेंगे आधुनिक हॉस्टल-बैरक, 404.50 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
ब्यूरो रिपोर्ट पीलीभीत

नेपाल सीमा के पुलिस थानों को बड़ी सौगात: हजारा और सेहरामऊ उत्तरी में बनेंगे आधुनिक हॉस्टल-बैरक, 404.50 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी
SvasJsNews | पूरनपुर/पीलीभीत
नेपाल सीमा से लगे पीलीभीत जिले के दो महत्वपूर्ण पुलिस थानों हजारा और सेहरामऊ उत्तरी के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से आवासीय सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे पुलिसकर्मियों को जल्द ही आधुनिक हॉस्टल, बैरक और विवेचना कक्ष की सुविधा मिलेगी। शासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 404.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी गई है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
सीमावर्ती थानों में आवास की समस्या होगी दूर
नेपाल सीमा से सटे इन दोनों थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को अब तक पर्याप्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। कई जवानों को किराये के मकानों अथवा अस्थायी भवनों में रहकर अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती थी। इससे न केवल उन्हें असुविधा होती थी बल्कि आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस व्यवस्था भी प्रभावित होती थी। नई परियोजना के पूरा होने के बाद पुलिसकर्मियों को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध हो सकेगा।
दोनों थानों में बनेंगे हाईटेक हॉस्टल और बैरक
स्वीकृत योजना के अनुसार थाना हजारा में लगभग 208.45 करोड़ रुपये की लागत से 48 बेड क्षमता वाला हॉस्टल, बैरक और आधुनिक विवेचना कक्ष बनाया जाएगा। वहीं थाना सेहरामऊ उत्तरी में करीब 195.15 करोड़ रुपये की लागत से 40 बेड क्षमता वाला हॉस्टल, बैरक एवं विवेचना कक्ष का निर्माण कराया जाएगा। इन भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।

कानून-व्यवस्था होगी और मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में भी मजबूती मिलेगी। समय पर उपलब्ध आवास और संसाधनों से आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता भी बेहतर होगी। यह परियोजना सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा निर्माण
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारा और सेहरामऊ उत्तरी थाने आधुनिक पुलिस अधोसंरचना के नए उदाहरण बनेंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को वर्षों से चली आ रही आवासीय समस्याओं से राहत मिलेगी।
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