बाडिया माता व आशा होली तक ‘पीएम ई-बस’ चलाने की उठी मांग |

बाडिया माता व आशा होली तक ‘पीएम ई-बस’ चलाने की उठी मांग,
ग्रामीणों ने सौंपा नया रूट चार्ट – आमली, महेन्द्रगढ़, एकलिंगपुरा, तिलोली को जोड़े मुख्यमंत्री को पत्र भेजा
संवाददाता -सत्यनारायण सेन गुरला
भीलवाड़ा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन और कनेक्टिविटी के लिए ‘पीएम ई-बस’ सेवा (PM e-Bus Service) शुरू करने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से नई बसें चलाने और रूट में बदलाव करने की पुरजोर मांग की है। आशा होली के लिए ई-बस सेवा की मांग क्षेत्र के निवासियों ने भीलवाड़ा से बाडीया माता व आशाहोली के बीच जल्द से जल्द ई-बसें शुरू करने की मांग की है।
महेंद्रगढ़ संरपच रामधन सोमानी ने बताया कि आस पास के ग्राम पंचायत के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि के साथ मिलकर ई बस सेवा शुरू करने की मांग करेंगे कि वर्तमान में बस सेवा उपलब्ध न होने से स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, भीलवाड़ा नौकरी , व्यवसाय करने के लिए धार्मिक स्थल से आने-जाने को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सम्बन्ध में महेन्द्रगढ़ प्रशासक ललिता सोमानी ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर भेजा
प्रस्तावित रूट: ग्रामीणों ने मांग की है कि भीलवाड़ा से आशाहोली वाया गुरलां कारोई ,तिलोली, एकलिंगपुरा , महेन्द्रगढ़ ,आमली ,चेड होते हुए आशा होली व बाडिया माता तक कम से कम दो ई-बस जरूर चलाई जाए।
क्षेत्र के ग्रामीणों ने मांगा नया रूट चार्ट
दूसरी ओर, बाडिया माता,आशा होली, चेड, आमली महेन्द्रगढ़ एकलिंगपुरा तिलोली क्षेत्र के ग्रामीणों ने ‘पीएम ई-बस सेवा’ के भीलवाड़ा-कारोई रूट में बदलाव करने की मांग की है। ग्रामीणों ने भीलवाड़ा से आशाहोली वाया आमली होते हुए दो बसें संचालित करने का प्रस्ताव रखा है।
प्रस्तावित नया रूट: भीलवाड़ा से बाडिया माता→ आशाहोली →चेड _ आमली → महेन्द्रगढ़ → एकलिंगपुरा → तिलोली → महावीर चौराहा (सांगवा) → कारोई → गुरला → मुजरास → पुर।
इन बदलावों से होने वाले मुख्य लाभ:
बेहतर कनेक्टिविटी: ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क आसान होगा।
रोजगार को बढ़ावा: सुलभ परिवहन से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
रियायती यात्रा: महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को कम दरों पर सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।
छात्रों को राहत: कॉलेज और स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों का समय बचेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जनहित में इस रूट चार्ट को मंजूरी देकर जल्द ही बसों का संचालन शुरू कराएगा।




