मोदरान में संस्कार शिविर बना आकर्षण का केंद्र, बच्चों में दिखा उत्साह

मोदरान में व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर का भव्य शुभारंभ
राजस्थान ब्यूरो | समरथाराम सुंदेशा
बच्चों में दिखा अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का उत्साह
जालोर। मोदरान स्थित श्री अणदेश्वर वाटिका, सोनी समाज भवन भीमपुरा रोड पर आयोजित चार दिवसीय “व्यक्तित्व विकास एवं संस्कार शिविर” का रविवार को महामण्डलेश्वर श्री श्री 1008 श्री रविशरणानंद गिरीजी महाराज के सानिध्य में भव्य शुभारंभ हुआ। शिविर में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल पर सुबह से ही अनुशासन, सेवा भावना और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

शिविर के प्रथम दिवस 208 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ। कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अनुशासन एवं संस्कारों का परिचय दिया। पंजीयन के बाद विद्यार्थियों को शिविर से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए। विशाल सभागार में विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रार्थना सभा में भाग लिया तथा भोजन मंत्र उच्चारण के साथ अनुशासित तरीके से सामूहिक भोजन ग्रहण किया।

द्वितीय दिवस सोमवार सुबह 5 बजे जागरण के साथ दिनचर्या की शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने योग, प्राणायाम, ध्यान, साधना एवं वातावरण शुद्धि यज्ञ में भाग लिया। संतों एवं प्रशिक्षकों ने बच्चों को स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के महत्व के बारे में जानकारी दी। पूरे परिसर में भारतीय संस्कृति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

महामण्डलेश्वर श्री रविशरणानंद गिरीजी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि केवल पुस्तक ज्ञान ही जीवन में सफलता नहीं देता, बल्कि अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य ही मनुष्य को महान बनाते हैं। उन्होंने बच्चों को माता-पिता का सम्मान करने, समय का सदुपयोग करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

शिविर प्रबंधक रमेश सोनी पुनासा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों को संस्कार, अनुशासन, नैतिक शिक्षा, राष्ट्रप्रेम एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। शिविर में योग, आत्मरक्षा, मौखिक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक गतिविधियां एवं आध्यात्मिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के शिविर को लेकर अभिभावकों एवं समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।











