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महामाया बुद्ध विहार ” सुभरी सहारनपुर मेँ बडे हर्षोल्लास के साथ त्रिविध परम पावनी बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई

महामाया बुद्ध विहार ” सुभरी सहारनपुर मेँ  बडे हर्षोल्लास के साथ त्रिविध परम पावनी बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई

विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर बुद्धिस्ट एसोसिएशन फोर वेलफेयर एंड एजुकेशनल ट्रस्ट दिल्ली के अंतर्गत संचालित “महामाया बुद्ध विहार ” सुभरी सहारनपुर मेँ  बडे हर्षोल्लास के साथ त्रिविध परम पावनी बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई,
महामाया बुद्ध विहार पहुँचकर उपासक व उपासिकाओं द्वारा सामूहिक बुद्ध वंदना की गईं। आज विद्वान उपासक व उपासिकाओं द्वारा बाबा साहब डॉ॰ भीमराव आंबेडकर द्वारा रचित धम्म ग्रन्थ “बुद्ध और उनका धम्म” पर विशेष चर्चा की गई, सुशील बौद्ध ने बताया कि परम पूज्य बाबा साहेब द्वारा हमें जो तथागत बुद्ध का मार्ग दिया गया है हमारा फर्ज बनता है कि हम पूरे सच्चे मन व निष्ठा से उस मार्ग पर चलें। चूँकि बाबा साहेब ने हमें एक अच्छा जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। संविधान में उन प्रावधानों को समाहित किया जिनके द्वारा बरसों की गुलामी की जंजीरें जो हमारे पूर्वजो के पैरों में पड़ी हुई थी, उनको तोड़ने का काम किया गया है। और जो अमानवीय जीवन था उसको समाप्त कर एक मानवीय जीवन जीने का अधिकार दिया! जिसके कारण आज हम खुली हवा में साँस ले पा रहे हैं , बहुजन समाज में जन्में सभी संतो महापुरुषों महामानवों के संघर्षों की बदौलत आज हमें एक बेहतर जीवन जीने का अवसर प्राप्त हुआ है। तो हमें अपने महापुरुषों के संघर्ष को भूलना नहीं चाहिए और उनके मिशन मूवमेंट को आगे बढ़ाना चाहिए। भगवान बुद्ध के विचारों को पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है  क्योंकि तथागत बुद्ध के विचार तार्किक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। किसी भी प्रकार का भ्रम तथागत बुद्ध ने अपने विचारों में नहीं रखा है। तथागत बुद्ध कहते हैं किसी बात को इसलिए मत मानो कि वह मेरे द्वारा कही गई है ,किसी बात को इसलिए मत मानो कि वह मेरे सगे संबंधियों द्वारा कही गई है, किसी बात को इसलिए भी मत मानो कि वह मेरे इष्ट मित्रों द्वारा कही गई है या फिर वह बात लंबे समय से  प्रथा में है, उस बात को तब तक मत मानो जब तक वह तर्क की कसौटी पर खरीद न उतर जाए। अर्थात आपके विवेक बुद्धि को यह बात न जॅच जाय कि यह सही है या गलत। दुनिया में एक केवल बुद्ध ही हैं जिन्होंने अष्टागिंक मार्ग देकर सम्पूर्ण मानव जाति को दुखों के कारण से निवारण का मार्ग दिया, इसलिए हमें बाबा साहब द्वारा बताये गये मार्ग पर चलने की आवश्यकता है और तथागत बुद्ध के विचारों को अपनाना चाहिए। इसी में हम सबका कल्याण है, कार्यक्रम में उपस्थित रहे, हर्ष बौद्ध विपुल बौद्ध राहुल राज बौद्ध राज रत्न बौद्ध सुशील बौद्ध श्रीमती राम प्यारी सुषमा गौतम ट्विंकल रानी सुदेशना बौद्ध संघमित्रा बौद्ध सघंप्रिय बौद्ध अश्विनी मौर्य इंदु बौद्ध प्रियांशी गौतम, श्री अबलेश गौतम जी वरिष्ठ पत्रकार, तेजवीर सिंह जी, श्री गुलाब सिंह भारतीय आदि लोग उपस्थित रहे।

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