प्रीपेड बिजली मीटर बना ‘मुसीबत का मीटर’, पूरे प्रदेश में जनता-व्यापारियों में आक्रोश – मुकेश रस्तोगी

प्रीपेड बिजली मीटर बना ‘मुसीबत का मीटर’, पूरे प्रदेश में जनता-व्यापारियों में आक्रोश – मुकेश रस्तोगी
– अवैध वसूली, अधिकारियों की बेरुखी और शिकायतों की अनदेखी से हर वर्ग परेशान’
– उ०प्र० उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
रायबरेली!
प्रदेश में लागू प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था के खिलाफ अब व्यापक जनआक्रोश देखने को मिल रहा है। उ०प्र० उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश रस्तोगी ने इस व्यवस्था को “जनविरोधी और शोषणकारी” बताते हुए आरोप लगाया कि इसके चलते न केवल व्यापारी बल्कि समाज का हर वर्ग मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, छोटे उद्योगपति और आम उपभोक्ता गंभीर उत्पीड़न का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्टिकल कार्य प्रणाली लागू होने के बाद से बिजली विभाग के अधिकारियों का रवैया पूरी तरह से असंवेदनशील हो गया है। उपभोक्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर किया जा रहा है, वहीं अवैध धन उगाही की शिकायतें भी तेजी से बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारी प्रबंध निदेशक से लेकर जूनियर इंजीनियर तक न तो फोन उठाते हैं और न ही शिकायतों का समाधान करते हैं। श्री रस्तोगी ने कहा कि प्रीपेड मीटर में गलत बिलिंग, बैलेंस कटौती में पारदर्शिता की कमी और तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और आम जनता का दैनिक जीवन भी संकट में आ गया है। श्री रस्तोगी ने उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को फैक्स भेजकर मांग की है कि प्रीपेड मीटर प्रणाली को तत्काल समाप्त कर पोस्टपेड व्यवस्था बहाल की जाए तथा मध्यम एवं निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं और उद्योगपतियों के लिए कमर्शियल वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की जाए। व्यापारी नेता श्री रस्तोगी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।



