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उनडी में डामर सड़क बनी कंकरीला रास्ता, 109 लाख की योजना पर उठे सवाल।

उनडी में डामर सड़क बनी कंकरीला रास्ता, 109 लाख की योजना पर उठे सवाल।

SvasJsNews | राजस्थान ब्यूरो विशेष रिपोर्ट
रिपोर्ट: समरथाराम सुंदेशा

राजस्थान के उनडी क्षेत्र में गांव से भीलों की ढाणी तक जाने वाली डामर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। कभी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी यह सड़क अब अपने अस्तित्व के लिए जूझती नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से बनी सड़क आज बदहाली की मिसाल बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में करीब ₹109.88 लाख की लागत से इस सड़क का निर्माण किया गया था। बोर्ड पर साफ लिखा है कि ठेकेदार द्वारा यह सड़क पांच वर्ष की गारंटी के साथ तैयार की गई थी। करीब 4.150 किलोमीटर लंबी यह सड़क अब पूरी तरह टूट चुकी है और डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है। आज हालात यह हैं कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को केवल कंकड़-पत्थर ही नजर आते हैं। आए दिन वाहनों के टायर पंक्चर हो रहे हैं, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है। इस सड़क से प्रतिदिन 100 से अधिक वाहन गुजरते हैं, वहीं आसपास करीब 100 ढाणियों के लोग इसी रास्ते पर निर्भर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। खराब सड़क के कारण उन्हें समय पर स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार वाहन से ले जाने पर भी रास्ते में रुकावटें आती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत खराब होने के बाद आज तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया। न तो ठेकेदार ने जिम्मेदारी निभाई और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग के किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान दिया। यह सड़क गांव को बाईपास पांथेड़ी-थलवाड़ मार्ग से जोड़ती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।


पीडब्ल्यूडी अधिकारी कैलाश जीएन सायला ने बताया कि सड़क के नवीनीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पूर्ण होने के बाद सरकार द्वारा पुनः बजट स्वीकृत किया जाता है, और यह कार्य 2024 में होना था, जो अब प्रक्रिया में है। स्वीकृति मिलते ही इसे प्राथमिकता में लिया जाएगा। ग्रामीण देसाराम, पारसाराम सुंदेशा, भमर सिंह, वचनाराम भील और अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डामरीकरण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।

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