न जिला इसका, न प्रदेश उनका… आखिर सहारनपुर में ज़हर घोलने आए ही क्यों ?”

न जिला इसका, न प्रदेश उनका… आखिर सहारनपुर में ज़हर घोलने आए ही क्यों ?”
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर दिल्ली–देहरादून हाईवे पर आपत्तिजनक ग्रैफिटी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तीन आरोपियों को थाना बिहारीगढ़ पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर ही लिया। यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्था का ही नहीं बल्कि कई सामाजिक सवाल भी खड़े कर रहा है—जब न जिला इनका और न प्रदेश, तो आखिर सहारनपुर में आकर माहौल खराब करने की कोशिश क्यों की गई?
जानकारी के अनुसार 27 फरवरी 2026 को एनएचआई वर्कर सुनील कुमार निवासी ग्राम बंजारेवाला, थाना बुग्गावाला (जनपद हरिद्वार) ने शिकायत दी थी कि दिल्ली–देहरादून हाईवे पर लोहे के पुल के पास लगे ब्रास बैरियर पर कुछ लोगों ने आपत्तिजनक ग्रैफिटी पेंट कर दी है। यह कृत्य सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से किया गया माना जा रहा है। मामले में थाना बिहारीगढ़ में मुकदमा संख्या 34/26 धारा 353(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि इस घटना में शामिल लोग सहारनपुर के निवासी नहीं हैं। गिरफ्तार आरोपियों में जितेन्द्र राघव निवासी सुभाषनगर क्लेमेनटाउन (देहरादून), सुलेखा निवासी चन्द्र नगर कोतवाली (देहरादून) और शारदा पत्नी संजय राणा मूल निवासी भूपखेड़ी मुजाहिदपुर थाना रतनपुरी (मुजफ्फरनगर) हाल निवासी सुभाषनगर क्लेमेनटाउन (देहरादून) शामिल हैं। जिन्हें अपने किए पाप पर भी कोई पछतावा नहीं है। घटना के बाद भी मीडिया के सामने ये दो महिला आरोपी अपने किए कृत्य को सही बताती रहीं थी।
बरहाल पुलिस ने 12 मार्च को तीनों को बड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला कारागार सहारनपुर तो भेज दिया गया।
परंतु इस पूरे घटनाक्रम ने कई सामाजिक सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी बाहरी जिले या राज्य के लोगों को दूसरे इलाके में जाकर इस तरह माहौल बिगाड़ने की छूट दी जा सकती है? आखिर इनके पीछे कौन है और ऐसी हरकतों से किसे फायदा होता है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह सिर्फ शरारत थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
हालांकि पुलिस का कहना है कि जिले में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



