राजनगर उनडी में नूतन जिनालय प्राण-प्रतिष्ठा, भक्ति से गूंजा माहौल

राजनगर उनडी में नूतन जिनालय प्राण-प्रतिष्ठा, भक्ति से गूंजा माहौल
राजस्थान ब्यूरो – समरथाराम सुंदेशा
राजनगर उनडी में जैन समाज द्वारा आयोजित नूतन शिखरबद्ध जिनालय में भगवान सुमतिनाथ परमात्मा एवं श्री वासुपूज्य स्वामी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा अष्टान्हिका महोत्सव के तीसरे दिन विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। महोत्सव मधुरतन अपूर्व शासनप्रभावक जैनाचार्य रत्नाकरसूरीश्वर महाराज एवं श्रूपोसाक जैनाचार्य रत्नसंचयसूरीश्वर महाराज की निश्रा में संपन्न हो रहा है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

तीसरे दिन विशेष पूजन, विधान एवं मंगल पाठ के साथ धर्मसभा आयोजित की गई, जिसमें धर्मगुरुओं ने जिन शासन की महिमा का वर्णन करते हुए समाज को सदाचार, संयम और सेवा का संदेश दिया। सोमवार सायंकाल भक्ति संध्या का भव्य आयोजन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

प्रख्यात संगीतकार विपीन पोरवाल ने “नंदन वीर प्रभु का…”, “जय जय महावीर बोलेगा…”, “महावीर जन-जन के हैं प्यारे…”, “लहरा दो जिन शासन का परचम…”, “एक ही झंडा एक ही नारा…”, “मेरी झोपड़ी के भाग…”, “जय-जय-जय महावीर तुम्हारी…”, “मां त्रिशला के नंदन अवतारी…” और “तेरस की है रात दादा…” सहित अनेक भक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाएं मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। पूरा परिसर महावीर स्वामी के जयकारों से गूंजायमान हो गया, जिससे राजनगर उनडी का वातावरण भक्तिमय बन गया।





