सांवरिया सेठ नौगावा धाम में जलझूलनी एकादशी पर भव्य मेला, ठाकुर जी ने की जलविहार की रस्म

सांवरिया सेठ नौगावा धाम में जलझूलनी एकादशी पर भव्य मेला, ठाकुर जी ने की जलविहार की रस्म
विशेष रिपोर्ट -सत्यनारायण सेन गुरला
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित माधव गौशाला के नए धाम सांवरिया सेठ नौगावा में जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह नया धाम भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में एक बड़े और प्रमुख धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
मेले के पावन अवसर पर भगवान सांवलिया सेठ जी (ठाकुर जी) को भव्य पालकी में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया और जलाशय ले जाया गया, जहां परंपरा के अनुसार ठाकुर जी को जलविहार (झूला झुलाने) की रस्म पूरी की गई। इस पावन दृश्य के दर्शन करने और ठाकुर जी की एक झलक पाने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
इस धार्मिक आयोजन में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे भीलवाड़ा शहर, पुर, गुरला, कोचरिया, गुन्दली, गाडरमाला और मोमी से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पैदल और टोलियों के रूप में नौगावा धाम पहुंचे। पूरा परिसर “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” और “सांवरिया सेठ के जयकारों” से गूंज उठा।
मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
जलझूलनी एकादशी के मौके पर मंदिर प्रशासन और माधव गौशाला समिति की ओर से एक भव्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में बच्चों के खिलौने, खाने-पीने के स्टॉल और विभिन्न प्रकार के झूले मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। शाम को भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भजनों की शानदार प्रस्तुतियां देकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। गौशाला परिसर में स्थित होने के कारण श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन के साथ-साथ गो-सेवा का भी पुण्य लाभ कमाया।




