चार दशक पुरानी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए सिद्धिकला बीथिका का वार्षिकोत्सव 04 सितम्बर को, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजेगा भक्ति और कला का भव्य दरबार

चार दशक पुरानी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए सिद्धिकला बीथिका का वार्षिकोत्सव 04 सितम्बर को, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सजेगा भक्ति और कला का भव्य दरबार
– दूरदर्शन कलाकार दृष्टि पाण्डेय की भजन संध्या, नृत्य निर्देशिका नीलम गुप्ता की नृत्य नाटिका और रात्रि 12 बजे होगा योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव
रायबरेली: 03.092026!
कला, संस्कृति, अध्यात्म एवं भारतीय परम्पराओं को समर्पित सिद्धिकला बीथिका द्वारा विगत 40 वर्षों से अनवरत चली आ रही परम्परा को इस वर्ष भी श्रद्धा एवं भक्ति के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की असीम अनुकम्पा से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सिद्धिकला बीथिका का वार्षिकोत्सव 04 सितम्बर 2026, शुक्रवार को सिद्धि-कुंज, पी-61, स्वराज नगर एवं एकता सदन, गुलाब रोड, रायबरेली में भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित किया जाएगा।
इस आयोजन के आयोजक सुप्रसिद्ध चित्रकार एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर के चीफ आर्टिस्ट शिवशंकर शर्मा हैं। कला के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले राष्ट्रपति पुरूस्कार प्राप्त शिवशंकर शर्मा विगत चार दशकों से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को कला, संस्कृति और अध्यात्म के सुंदर समन्वय के रूप में आयोजित करते आ रहे हैं। चार दशक पूर्व शुरू हुई यह यात्रा आज एक ऐसी परम्परा का रूप ले चुकी है, जिसका क्षेत्र के कला एवं धर्मप्रेमी लोगों को पूरे वर्ष इंतजार रहता है।
विशेष बात यह है कि शिवशंकर शर्मा श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर में अपनी महत्वपूर्ण सेवाओं एवं दायित्वों का निरंतर निर्वहन कर रहे हैं। माता वैष्णो देवी के पावन दरबार में कला के माध्यम से अपनी सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वे अपनी जन्मस्थली रायबरेली और यहां की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परम्पराओं को भी उतनी ही श्रद्धा के साथ संजोए हुए हैं। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रत्येक वर्ष अपनी जन्मभूमि के लिए समय निकालकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन करना उनके अपनी माटी के प्रति प्रेम, आस्था और सांस्कृतिक दायित्वबोध का परिचायक है। उनकी यह चार दशक लंबी निरंतर साधना निश्चित रूप से सराहनीय और अनुकरणीय है।
आयोजन का शुभारम्भ 04 सितम्बर 2026, शुक्रवार को सायं 7ः00 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगा। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध लोकगीत गायिका एवं दूरदर्शन कलाकार दृष्टि पाण्डेय द्वारा भजन संध्या प्रस्तुत की जाएगी। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी। कार्यक्रम में संस्कार भारती की प्रसिद्ध नृत्य निर्देशिका श्रीमती नीलम गुप्ता के निर्देशन में आकर्षक नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें नृत्य, संगीत एवं अभिनय के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और उनके जीवन दर्शन को जीवंत किया जाएगा।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण एवं भावपूर्ण क्षण रात्रि 12ः00 बजे योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का होगा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ पूरा वातावरण भक्ति एवं उल्लास से भर उठेगा। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।
सिद्धिकला बीथिका का यह आयोजन अपने आप में कला और अध्यात्म का अद्भुत संगम है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ भारतीय संगीत, नृत्य और लोककला की समृद्ध परम्परा को भी मंच मिलता है। चार दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम रायबरेली की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और सनातन सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
चित्रकार शिवशंकर शर्मा के इस अनवरत प्रयास की सराहना करते हुए आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था और साधना की वह परम्परा है, जिसे चार दशक से पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जगतजननी मां वैष्णो देवी और जगत के पालक योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही शिवशंकर शर्मा को निरंतर कला एवं संस्कृति की सेवा करने की प्रेरणा और शक्ति प्राप्त होती रही है। मां वैष्णो देवी के पावन धाम में सेवा का सौभाग्य प्राप्त करने के साथ अपनी जन्मस्थली में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लगातार आयोजित करना उनके जीवन में भक्ति, सेवा और कला के अद्भुत समन्वय को दर्शाता है।
आयोजन समिति का कहना है कि मां वैष्णो देवी की कृपा एवं भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से यह परम्परा आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार निरंतर आगे बढ़ती रहे और रायबरेली की धरती पर कला, संस्कृति एवं अध्यात्म की यह ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे, यही सभी की मंगलकामना है।
आयोजक मंडल ने जनपदवासियों, श्रद्धालुओं, कला प्रेमियों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे 04 सितम्बर को आयोजित इस पावन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव के साक्षी बनें तथा भक्ति, संगीत, नृत्य और भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत इस आयोजन को अपनी सहभागिता से गरिमामय बनाएं। उक्त जानकारी राजन रस्तोगी द्वारा दी गयी।
आयोजक मंडल में मुख्य रूप से अंजू शर्मा, बृजेश शुक्ला, हरिशंकर शर्मा, महंत कृष्णबिहारी, हरिश्चन्द्र त्रिपाठी, ओमशंकर, प्रेमशंकर, रामशंकर, पूजा, अंशुमान, राजेन्द्र अवस्थी, वैष्णवी, लक्ष्मी, राज, पार्थ, शिवांशी आदि शामिल हैं।



