जलभराव देख डीएम ने मौके पर पकड़ी समस्या, दूसरा पंप लगाने के दिए निर्देश

जलभराव देख डीएम ने मौके पर पकड़ी समस्या, दूसरा पंप लगाने के दिए निर्देश
गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में पहुंचे डीएम, मोहल्लेवासियों से सीधे संवाद कर जानी परेशानी
ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 3 सितंबर। गंगोत्री नगर के लो-लैंड क्षेत्र में जलभराव की सूचना पर बुधवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के साथ ही स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर समस्या की वास्तविक स्थिति जानी। मौके पर एक पंप से पानी की निकासी धीमी मिलने पर डीएम ने तत्काल दूसरा पंप लगाने के निर्देश दिए, ताकि जलनिकासी में तेजी लाई जा सके।
डीएम के साथ एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलवाराजु आर. और नगर पालिका परिषद के ईओ संजय कुमार मौजूद रहे। डीएम ने सैम्पवेल के माध्यम से हो रही जलनिकासी की व्यवस्था देखी और अधिकारियों से पंप की क्षमता तथा पानी निकासी की गति की जानकारी ली। निकासी की गति अपेक्षाकृत धीमी मिलने पर उन्होंने अतिरिक्त पंप लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद मौके पर ही अतिरिक्त पंप लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव पूरी तरह समाप्त होने तक जलनिकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएं तथा नगर पालिका समेत संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
मोहल्लेवासियों से सीधे सुनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर जलभराव की स्थिति और पानी की निकासी में आ रही अड़चनों की जानकारी ली। मोहल्लेवासियों ने धीमी जलनिकासी समेत अन्य समस्याएं उनके सामने रखीं। डीएम ने अधिकारियों को मौके की वास्तविक स्थिति के आधार पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने लोगों से भविष्य में मकान बनाने या जमीन खरीदने से पहले क्षेत्र में रास्ता, नाली, जलनिकासी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदते समय केवल कीमत को प्राथमिकता देने के बजाय वहां उपलब्ध सुविधाओं और जलनिकासी की व्यवस्था को भी ध्यान में रखना चाहिए।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थानीय समस्याओं के समाधान में मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने जलभराव समाप्त होने तक क्षेत्र में प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था बनाए रखने और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।



