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हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव राधा-कृष्ण की सजीव झांकी ने मोहा मन, भजन-नृत्य से गूंजा विद्यालय परिसर

हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव राधा-कृष्ण की सजीव झांकी ने मोहा मन, भजन-नृत्य से गूंजा विद्यालय परिसर

ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर-खीरी।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर गुरुवार को सनातन धर्म सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, मिश्राना में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान विद्यालय परिसर भजनों, नृत्य और श्रीकृष्ण की लीलाओं से कृष्णमय हो उठा।

कार्यक्रम में छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और शिक्षाओं पर आधारित भजन, नृत्य एवं भाषण प्रस्तुत किए। राधा-कृष्ण की मनमोहक सजीव झांकी ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। छात्राओं के नृत्य के साथ हर्षिता बरनवाल द्वारा प्रस्तुत भजन ‘ओ कान्हा अब तो मुरली की…’ ने कार्यक्रम में भक्तिमय वातावरण और अधिक भावपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी एवं विद्यालय की विद्वत परिषद के सम्मानित सदस्य राजेश दीक्षित ने कहा कि योगिराज श्रीकृष्ण के जीवन का प्रधान तत्व लोक-कल्याण रहा। सम्पूर्ण समाज के हितों के प्रति उनका समर्पण और भावनात्मक लगाव उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता थी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन संघर्ष, संगठन और संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने श्रीकृष्ण के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया। पूतना, अघासुर, बकासुर और धेनुकासुर जैसे संकटों के बीच पले-बढ़े श्रीकृष्ण ने कालिया नाग के फनों पर नृत्य कर साहस और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष का संदेश दिया। उनकी बंशी की मधुर धुन जहां मन को आकर्षित करती है, वहीं उनका संघर्षमय जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें सदैव सत्य एवं सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाभारत के युद्ध में अर्जुन को दिए गए श्रीकृष्ण के गीता उपदेश में कर्म की महत्ता का संदेश मिलता है। उन्होंने छात्राओं से अपने कर्तव्य एवं कर्म पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार शुक्ल ने किया। अंत में प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।

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