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सीडीओ ने खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का किया शुभारम्भ

सीडीओ ने खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का किया शुभारम्भ

एफएमडी रोग से बचाव के लिए टीकाकरण आवश्यक, 1962 टोल फ्री सेवा का लाभ उठाने की अपील : सीडीओ

रायबरेली:- 22 जुलाई 2026
          राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के अंतर्गत गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारम्भ आज मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता द्वारा विकास भवन परिसर से मोबाइल वेटरिनरी यूनिट एवं सचल पशु चिकित्सा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया।
          मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में यह 45 दिवसीय सघन टीकाकरण अभियान 22 जुलाई से 08 सितम्बर 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि इस अभियान के दौरान वे अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं तथा आकस्मिक पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की टोल फ्री सेवा 1962 का लाभ उठाएं।
          मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि इस अभियान के दौरान जनपद की सभी ग्राम पंचायतों, राजस्व ग्रामों एवं शहरी नगर पंचायतों में विकास खण्ड स्तरीय उप मुख्य/पशु चिकित्साधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीकाकरण टीमों द्वारा लगभग 6,09,345 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चार माह से कम आयु के पशुओं तथा आठ माह के गर्भित पशुओं को एफएमडी का टीका नहीं लगाया जाएगा। टीकाकरण से पूर्व पशुओं की ईयर टैगिंग की जाएगी तथा पशुपालकों का नाम, आधार संख्या एवं मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण दर्ज कर प्रतिदिन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
          उन्होंने बताया कि खुरपका-मुँहपका (एफएमडी) जुगाली करने वाले पशुओं में होने वाला अत्यंत संक्रामक एवं विषाणुजनित रोग है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, मुंह, मसूड़ों, जीभ, ओठों एवं खुरों के बीच छोटे-छोटे छाले बनना, अत्यधिक लार टपकना तथा पशु का जुगाली बंद कर देना शामिल है। उन्होंने कहा कि इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर टीकाकरण है। साथ ही संक्रमित पशुओं के घावों को एंटीसेप्टिक विलयन से धोने एवं साफ-सफाई बनाए रखने की भी सलाह दी गई।
          इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदर डॉ. संजय कुमार सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम कुमार चौधरी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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