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हिंदू सम्मेलनों में जाति-पाति मिटाकर एक होने का लिया संकल्प

हिंदू सम्मेलनों में जाति-पाति मिटाकर एक होने का लिया संकल्प

विशेष रिपोर्ट  -मो कलीम अंसारी

सहारनपुर ‘सकल हिंदू समाज’ के तत्वावधान में  महानगर के विभिन्न क्षेत्रों माधव नगर, चंद्रनगर, मंगल नगर और भगवती कॉलोनी में विशाल ‘हिंदू सम्मेलनों’ का भव्य आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में पहुंचे हिंदू समाज के लोगों ने समरसता और अखंडता की शपथ ली।

श्री विष्णु मंदिर प्रांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूज्य साध्वी प्राची दीदी एवं अध्यक्ष  सुशील कुमार अग्रवाल ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य वक्ता डॉ. रामावतार जी (प्रान्त संयोजक, पर्यावरण संरक्षण प्रमुख ने कहा, “जब हम कहते हैं ‘एक रहोगे तो सेफ रहोगे’, तो यह किसी के विरोध में नहीं बल्कि देश की उन्नति के लिए है। इतिहास गवाह है कि हम जातियों में बंटे इसलिए गुलाम हुए। साध्वी प्राची दीदी ने कहा कि आततायियों के विरुद्ध एक होना ही सबसे बड़ा धर्म है।
कार्यक्रम का सफल संचालन अभिनव गोयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी, मंत्री  सतीश सिंघल, वरिष्ठ समाजसेवी कीरतपाल आदि रहे। उधर चंद्रनगर पार्क में आयोजित सम्मेलन में हिंदू समाज को संगठित होने का मार्ग दिखाया। वक्ताओं ने राष्ट्र प्रेम और ईश्वर भक्ति का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुभाष चौधरी चेयरमैन हरि कॉलेज ने की।  मुख्य रूप से संत रिद्धी बाई जी (हरिद्वार), आचार्य आत्मानुभावी महाराज, आचार्य अजय किरण, आचार्य अमित भारद्वाज, सत्यस्वरूप शास्त्री, निधि राजा आदि रहे।
मंगल नगर मे श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सम्मेलन में मुख्य वक्ता आशुतोष विभाग प्रचारक ने हिंदू समाज की एकता और समरसता पर जोर दिया। पं. राजेश शास्त्री, पं. अरुण, पं. देवेन्द्र प्रसाद शास्त्री, पं. प्रेम विशिष्ट, पं. विवेकानन्द शास्त्री और पं. उद्धव की गरिमामयी उपस्थिति रही। भगवती कॉलोनी के शिव मंदिर पार्क में आयोजित सभा में मुख्य अतिथि आचार्य पंडित प्रगीत कौशिक और मुख्य वक्ता वीरेंद्र सिंह विभाग संयोजक, ग्राम विकास ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित शिवकुमार शास्त्री ने की। वक्ताओं ने आग्रह किया कि हिंदू समाज को जातिवाद के जहर से मुक्त होकर ‘ऊंच-नीच’ के भेदभाव को जड़ से खत्म करना होगा।

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