खीरी में 213 पीड़िताओं को 7.16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, मिशन शक्ति अभियान 6.0 से मिला संबल

खीरी में 213 पीड़िताओं को 7.16 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, मिशन शक्ति अभियान 6.0 से मिला संबल
ब्यूरो रिपोर्टर- तुषार शुक्ला
लखीमपुर खीरी, 18 अक्टूबर। महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा अपराध से पीड़ित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत लखीमपुर खीरी में 213 पीड़िताओं को 7 करोड़ 16 लाख 75 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई गई। रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 में पीड़िताओं और उनके आश्रितों को यह सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में पात्र पीड़िताओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई।
खीरी पुलिस के अनुसार, योजना के तहत पीड़िताओं को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए संबंधित थानों के विवेचकों ने आवश्यक अभिलेखों को समय से तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया। इसमें मेडिकल रिपोर्ट, एफआईआर और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल रहे। इसके बाद संबंधित प्रकरणों को जिला संचालन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित धनराशि पीड़िताओं और उनके आश्रितों के बैंक खातों में हस्तांतरित कराई गई।
महिला हेल्प डेस्क और मिशन शक्ति टीमों ने भी इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीमों ने पीड़िताओं और उनके परिजनों को योजना की जानकारी देने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया। इसके माध्यम से पात्र पीड़िताओं को सरकारी योजना का लाभ दिलाने में सहयोग किया गया।
पीड़िताओं को आर्थिक सहायता देने का मुख्य उद्देश्य उन्हें कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करना है। इस धनराशि से पीड़िताओं को उपचार, शिक्षा, कानूनी पैरवी और जीवन-यापन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल मिल सकता है। योजना के माध्यम से पीड़िताओं और उनके आश्रितों को जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
खीरी पुलिस ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही पीड़िताओं को न्याय दिलाने, उनके पुनर्वास और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का अभियान लगातार जारी रहेगा। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा जरूरतमंद पीड़िताओं तक सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।



