सहारनपुर मे इबादत के लिए खुले गुरुद्वारे के द्वार: सिख समाज ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल…..

सहारनपुर मे इबादत के लिए खुले गुरुद्वारे के द्वार: सिख समाज ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल…..
विशेष रिपोर्ट -मो कलीम अंसारी
सहारनपुर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंसानियत का मजहब सबसे ऊपर होता है। इस बार ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर यहाँ जो नजारा देखने को मिला, उसने पूरे देश का दिल जीत लिया और आपसी भाईचारे की एक नई इबारत लिख दी। दरअसल, ईद के दिन बारिश की प्रबल संभावना को देखते हुए मुस्लिम भाइयों के सामने नमाज के लिए जगह की समस्या खड़ी हो रही थी। ऐसे नाजुक वक्त में सहारनपुर के सिख समाज ने दरियादिली दिखाते हुए मदद का हाथ बढ़ाया। गुरप्रीत सिंह बग्गा जी और सिख समुदाय के नेतृत्व में गुरु नानक इंटर कॉलेज के विशाल परिसर को ईद की नमाज के लिए खोल दिया गया। सिख समाज के इस फैसले ने यह संदेश दिया कि इबादत के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल और मोहब्बत एक ही है। कॉलेज के मैदान में जब हजारों नमाजियों ने एक साथ सजदा किया, तो वह दृश्य सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ का जीवंत उदाहरण बन गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस भावुक पहल के लिए सिख भाइयों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया और उन्हें गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। यह घटना दर्शाती है कि सहारनपुर की मिट्टी में आज भी मोहब्बत और सम्मान की जड़ें बहुत गहरी हैं। जहाँ नफरत की दीवारों को गिराकर गुरुद्वारे के आंगन में नमाज पढ़ी जाए, वही असली भारत है। गुरप्रीत बग्गा जी और पूरे सिख समाज की इस महानता को आज हर कोई सलाम कर रहा है।



